US-Iran War Update: पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ती तल्खी के बीच वैश्विक तेल कारोबार से एक बड़ी अपडेट सामने आई है। भारत की ओर बढ़ रहा ईरानी कच्चे तेल का एक टैंकर अचानक अपना रास्ता बदलकर चीन की ओर मुड़ गया है। शिप ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, यह टैंकर गुजरात के वाडिनार पोर्ट के बेहद करीब पहुंच चुका था। लेकिन आखिरी समय में टैंकर ने अपना डेस्टिनेशन बदलकर चीन के शैनडोंग प्रांत के डोंगयिंग को दिखाना शुरू कर दिया है।
अचानक क्यों बदला गया रास्ता?
इस बदलाव ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। ट्रेड सूत्रों के मुताबिक, इसके पीछे मुख्य रूप से पेमेंट से जुड़ी दिक्कतें और अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़े जोखिम हो सकते हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि टैंकर में करीब 6 लाख बैरल ईरानी कच्चा तेल लदा हुआ है। गुरुवार दोपहर तक संकेत थे कि यह शुक्रवार सुबह तक वाडिनार पोर्ट पर लंगर डाल देगा।
पेमेंट और प्रतिबंधों का पेच
भारत पिछले करीब सात साल से ईरान से तेल नहीं खरीद रहा था। ऐसे में इस डील को लेकर बाजार में काफी चर्चा थी। बैंकिंग चैनलों के माध्यम से भुगतान में आ रही बाधाओं ने इस सौदे को प्रभावित किया है।
अमेरिकी प्रतिबंधों में ढील
पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका ने 21 मार्च को ईरानी तेल पर लगे प्रतिबंधों में एक महीने की ढील दी थी। यह छूट उन टैंकरों के लिए थी जिनमें पहले से तेल भरा हुआ था। इसका उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की सप्लाई बढ़ाना और कीमतों को नियंत्रित करना था। भारत ने मई 2019 से ईरान से तेल खरीदना लगभग बंद कर दिया था।
चीन बना नया गंतव्य
चीन वर्तमान में ईरानी तेल का सबसे बड़ा खरीदार है। जब अन्य देश प्रतिबंधों के डर से पीछे हटते हैं, तो ईरान अपनी खेप चीन की रिफाइनरियों की ओर मोड़ देता है। ट्रैकिंग डेटा दिखाता है कि भारतीय तट के पास से मुड़ने के बाद अब यह टैंकर चीन के डोंगयिंग पोर्ट की ओर बढ़ रहा है, जो तेल प्रसंस्करण का प्रमुख केंद्र है।
भारत की ऊर्जा चुनौतियां
भारत अपनी तेल जरूरतों का 80 प्रतिशत आयात करता है। ईरान के साथ व्यापार शुरू करने की कोशिशें ऊर्जा विकल्पों को विविधता देने का एक प्रयास थीं, लेकिन मौजूदा बाधाओं ने इसे चुनौतीपूर्ण बना दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक कूटनीतिक संबंधों में स्पष्टता नहीं आती, तब तक ऐसे शिपमेंट में जोखिम बना रहेगा। भारतीय अधिकारी फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।