दक्षिणी लेबनान | लेबनान और इजरायल के बीच अप्रैल में हुए युद्धविराम के बाद मंगलवार का दिन सबसे खौफनाक रहा। इजरायली हवाई हमलों ने दक्षिणी लेबनान के कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया, जिसमें बच्चों और महिलाओं समेत 31 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई।
सीजफायर के बाद सबसे घातक हमला
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इस हमले को युद्धविराम के बाद की सबसे भीषण हिंसा करार दिया है। हवाई हमलों में बोरज अल-शमाली और माराकेह जैसे शांतिपूर्ण इलाकों में भारी तबाही मची है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इन हमलों में 40 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका बनी हुई है।
प्रभावित इलाकों की स्थिति
बोरज अल-शमाली में सबसे अधिक नुकसान हुआ है, जहां 14 लोगों की जान चली गई। इनमें दो मासूम बच्चे और तीन महिलाएं शामिल थीं। स्थानीय अस्पतालों में घायलों की भीड़ उमड़ पड़ी है। माराकेह और सलाआ क्षेत्रों में भी भारी बमबारी हुई है। वहां से आ रही तस्वीरें और वीडियो दिल दहला देने वाले हैं, जिनमें चारों तरफ मलबा और चीख-पुकार दिखाई दे रही है।
इजरायल का हिजबुल्लाह पर दावा
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने इन हमलों की पुष्टि करते हुए कहा कि वे हिजबुल्लाह के ठिकानों को निशाना बना रहे थे। उनके अनुसार, आतंकी इजरायली सैनिकों पर हमले की योजना बना रहे थे।
"इजरायली सेना उन आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी जो हमारी सुरक्षा के लिए खतरा हैं। हमने रॉकेट लॉन्च करने वाले बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया है।"
आईडीएफ का कहना है कि यह कार्रवाई आत्मरक्षा में की गई है। हालांकि, लेबनान ने इसे सीधे तौर पर मानवाधिकारों का उल्लंघन और आम नागरिकों के खिलाफ नरसंहार जैसी कार्रवाई बताया है।
शांति प्रयासों को लगा बड़ा झटका
इस ताजा हिंसा ने मध्य-पूर्व में फिर से अस्थिरता पैदा कर दी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस घटना के बाद गहरी चिंता व्यक्त कर रहा है क्योंकि इससे युद्धविराम पूरी तरह से टूटने की कगार पर है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों ने संयम नहीं बरता, तो यह संघर्ष एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है। फिलहाल, लेबनान में मातम का माहौल है और लोग सुरक्षा की तलाश में भटक रहे हैं।
*Edit with Google AI Studio