जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के विश्व प्रसिद्ध आमेर महल में घूमने आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रशासन ने महल के खुलने और बंद होने के समय में बड़ा बदलाव किया है। बदले हुए नए नियमों के अनुसार, अब आमेर महल सुबह 7 बजे से रात 8 बजे तक पर्यटकों के लिए खुला रहेगा। इससे पहले महल के खुलने का समय सुबह 8 बजे निर्धारित था, जिसे अब एक घंटा पहले कर दिया गया है।
भीषण गर्मी से मिलेगी राहत
महल प्रशासन का मानना है कि सुबह जल्दी द्वार खोलने से पर्यटक दिन की तेज धूप और भीषण गर्मी से बच सकेंगे। इससे उन्हें किले की भव्यता को आराम से निहारने के लिए अधिक समय और अनुकूल वातावरण मिलेगा। आमेर महल अधीक्षक राकेश छोलक ने बताया कि यह निर्णय विशेष रूप से राजस्थान में बढ़ती गर्मी और नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इससे पर्यटन अनुभव पहले से अधिक सुखद होगा।
हाथी सवारी के समय में संशोधन
आमेर की विश्व प्रसिद्ध हाथी सवारी के समय में भी प्रशासन ने बड़ा बदलाव किया है। अब पर्यटक सुबह 7 बजे से 10:30 बजे तक ही हाथी सवारी का लुत्फ उठा सकेंगे। गर्मी को देखते हुए हाथियों और पर्यटकों दोनों की सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। समय जल्दी करने से हाथियों को चिलचिलाती धूप में काम नहीं करना पड़ेगा, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी।
मावठा सरोवर में बोटिंग
आमेर महल के ठीक नीचे स्थित मावठा सरोवर में बोटिंग करने वाले शौकीनों के लिए भी नई समय सारणी जारी की गई है। अब यहां सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे तक बोटिंग की सुविधा मिलेगी। सरोवर में बोटिंग हमेशा से ही पर्यटकों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र रही है। समय में विस्तार होने से अब पर्यटक शाम के सुहावने मौसम में किले की परछाई के बीच नौकायन का आनंद ले पाएंगे।
ऐतिहासिक महत्व और सुविधाएं
आमेर महल अपनी अनूठी वास्तुकला, शीश महल और दीवान-ए-आम के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। यहां हर साल लाखों की संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। अधिकारियों के अनुसार, इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य पर्यटन को अधिक सुरक्षित और आरामदायक बनाना है। महल अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि समय में यह संशोधन तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
पर्यटकों के लिए विशेष निर्देश
पर्यटकों को सलाह दी गई है कि वे नए समय के अनुसार ही अपनी यात्रा की योजना बनाएं। सुबह जल्दी पहुंचने से वे भीड़भाड़ से बच सकेंगे और शांति से ऐतिहासिक धरोहर का अवलोकन कर पाएंगे। यह कदम न केवल पर्यटकों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि जयपुर के पर्यटन उद्योग को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगा। स्थानीय गाइडों और व्यापारियों ने भी प्रशासन के इस संवेदनशील निर्णय का स्वागत किया है।