जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप आमजन को सस्ता और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन बेहद गंभीर नजर आ रहा है। जनकल्याणकारी श्री अन्नपूर्णा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को एक बड़ा अभियान चलाया गया।
जिला कलेक्टर संदेश नायक के सीधे निर्देशन में प्रशासन के आला अधिकारियों ने जिले भर में संचालित श्री अन्नपूर्णा रसोइयों का औचक निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि रसोइयों में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और वहां की स्वच्छता मानकों के अनुरूप है या नहीं।
कलेक्टर संदेश नायक ने खुद मोर्चा संभालते हुए राजस्थान विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्री अन्नपूर्णा रसोई संख्या 1210 का दौरा किया। वहां उन्होंने न केवल व्यवस्थाओं का जायजा लिया, बल्कि लाभार्थियों से बातचीत कर उनके अनुभवों को भी साझा किया। कलेक्टर ने रसोई में भोजन की शुद्धता और स्वच्छता पर विशेष जोर दिया।
27 बिंदुओं पर कसी गई कसौटी
इस निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने केवल ऊपर-ऊपर से जांच नहीं की, बल्कि 27 निर्धारित बिंदुओं के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की। इसमें सबसे महत्वपूर्ण था भोजन का स्वाद और उसकी पौष्टिकता। अधिकारियों ने देखा कि क्या लाभार्थियों को गर्म और ताजा भोजन परोसा जा रहा है।
जांच के बिंदुओं में यह भी शामिल था कि क्या चपातियों का वजन निर्धारित 250 ग्राम के मानक के अनुसार है। इसके अलावा, रसोई में काम करने वाले कर्मचारियों का ड्रेस कोड, जैसे टोपी, ग्लव्स और एप्रन पहनना अनिवार्य किया गया है। अधिकारियों ने देखा कि क्या कर्मचारी इन नियमों का पालन कर रहे हैं।
स्वच्छता के स्तर को परखने के लिए पीने के शुद्ध पानी की व्यवस्था और बर्तन धोने के तरीकों की भी जांच की गई। रसोइयों में डिस्प्ले बोर्ड पर टोल फ्री नंबर और प्रभारी अधिकारी का मोबाइल नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य है, ताकि कोई भी लाभार्थी अपनी शिकायत दर्ज करा सके।
अधिकारियों की फौज उतरी मैदान में
इस बड़े अभियान में अतिरिक्त जिला कलेक्टरों की पूरी टीम सक्रिय रही। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (प्रथम) विनिता सिंह ने कलेक्ट्रेट परिसर के पास स्थित रसोई संख्या 739 का निरीक्षण किया। वहीं, अतिरिक्त जिला कलेक्टर (द्वितीय) मेघराज सिंह मीणा ने लालकोठी सब्जी मंडी स्थित रसोई की व्यवस्थाएं देखीं।
अतिरिक्त जिला कलेक्टर (तृतीय) संजय माथुर ने एसएमएस अस्पताल के पास स्थित बांगड़ रेन बसेरा की रसोई संख्या 1219 का जायजा लिया। गांधी नगर मोड़ के पास स्थित रसोई का निरीक्षण अतिरिक्त जिला कलेक्टर (चतुर्थ) आशीष कुमार द्वारा किया गया। उत्तर और दक्षिण क्षेत्रों में भी इसी तरह की सघन जांच की गई।
मुकेश कुमार मूण्ड ने भास्कर पुलिया और युगान्तर शर्मा ने मानसरोवर स्थित रसोइयों की गुणवत्ता जांची। नरेंद्र वर्मा ने इंडिया गेट के पास संचालित रसोई का निरीक्षण किया। इसके अलावा, पंजीयन एवं मुद्रांक विभाग के उप महानिरीक्षकों ने भी चौमू पुलिया और जयपुरिया अस्पताल के बाहर स्थित रसोइयों का निरीक्षण किया।
नगर निगम और रसद विभाग की भूमिका
रसद विभाग के अधिकारियों ने भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिला रसद अधिकारी प्रथम और द्वितीय ने जेएनयू और कालवाड़ रोड स्थित रसोइयों का दौरा किया। नगर निगम के विभिन्न जोनों के उपायुक्तों ने भी अपने-अपने क्षेत्रों में रसोइयों की स्थिति का आकलन किया।
वीकेआई इंडस्ट्रियल एरिया, खासा कोठी, जेके लोन अस्पताल और महिला चिकित्सालय सांगानेरी गेट जैसी महत्वपूर्ण जगहों पर स्थित रसोइयों में विशेष स्वच्छता अभियान के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने रसोई ऑपरेटरों को स्पष्ट निर्देश दिए कि लाभार्थियों की प्रविष्टि रजिस्टर में सही ढंग से की जाए।
निरीक्षण के दौरान यह भी देखा गया कि रसोइयों में मरम्मत की क्या आवश्यकता है और उनके सौंदर्यीकरण के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं। खाने के साथ अचार परोसने की व्यवस्था और चपाती वार्मर के उपयोग को लेकर भी फीडबैक लिया गया।
पारदर्शिता और गुणवत्ता पर ध्यान
प्रशासन का लक्ष्य है कि श्री अन्नपूर्णा रसोई योजना केवल एक सरकारी योजना बनकर न रह जाए, बल्कि यह जरूरतमंदों के लिए एक सम्मानजनक भोजन का केंद्र बने। इसके लिए पारदर्शिता सबसे जरूरी है। सभी रसोइयों में इंस्पेक्शन रजिस्टर का संधारण अनिवार्य कर दिया गया है।
83 अधिकारियों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर अब इन रसोइयों में सुधार की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि यदि किसी भी रसोई में गुणवत्ता से समझौता पाया गया, तो संबंधित ऑपरेटर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह औचक निरीक्षण इस बात का संकेत है कि जयपुर जिला प्रशासन आमजन की बुनियादी सुविधाओं को लेकर सजग है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप 'कोई भूखा न सोए' के संकल्प को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण भोजन और स्वच्छता को प्राथमिकता दी जा रही है।