गुलाबी नगरी पर अपराध का साया
जयपुर | गुलाबी नगरी का जो शांत मिजाज और महफूज माहौल कभी उसकी पहचान हुआ करता था, आज वही जयपुर देश-प्रदेश के शातिर अपराधियों के लिए सबसे मुफीद ठिकाना बनता जा रहा है। पुलिस के हालिया आंकड़े इस चौंकाने वाले सच की गवाही दे रहे हैं।
उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से लेकर नेपाल तक के बदमाशों ने जयपुर को अपनी सुरक्षित पनाहगाह बना लिया है।
अपराधियों के लिए क्यों मुफीद है जयपुर?
शहर का तेजी से होता शहरीकरण और बिना पुख्ता जांच के आसानी से मिलने वाले फ्लैट्स व पीजी आवास इन बाहरी अपराधियों के लिए सुरक्षा कवच बन रहे हैं। 'किरायेदार सत्यापन का अभाव' सबसे कमजोर कड़ी साबित हो रहा है।
शहर में बढ़ रहे 4 प्रमुख अपराध
आपराधिक गिरोहों ने शहर में विभिन्न तरीकों से अपने पैर पसारे हैं, जिनमें ये चार प्रमुख हैं:
1. हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग
फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिये शहर के अमीर लोगों को फंसाकर अश्लील वीडियो के जरिये मोटी उगाही की जाती है।
2. संगठित ठगी और तस्करी
युवाओं में सिंथेटिक ड्रग्स और अवैध हथियारों की सप्लाई के लिए बाहरी राज्यों के पैडलर्स सक्रिय हैं, खासकर कोचिंग इलाकों में।
3. रंगदारी और फायरिंग
गैंगस्टर्स सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं और व्यापारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगना आम हो गया है।
4. लग्जरी लाइफस्टाइल की चाह
पुलिस की गिरफ्त में आए अधिकांश आरोपी 18 से 25 वर्ष के हैं, जो महंगे शौक पूरे करने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं।
पुलिस की पकड़ में आए बड़े मामले
पिछले कुछ समय में सामने आए ये मामले पुष्टि करते हैं कि कैसे बाहरी अपराधी जयपुर में सक्रिय हैं:
- लश्कर का आतंकी: जयसिंहपुरा खोर में लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा आतंकी उमर हारिस उर्फ 'खरगोश' एक साल तक फर्जी पहचान से रहा।
- अवैध पटाखा फैक्ट्री: खोह नागोरियान में धमाके के बाद गाजियाबाद निवासी आरोपी को दबोचा गया।
- एटीएम काटने वाले: मुरलीपुरा पुलिस ने झारखंड और दिल्ली के दो आरोपियों को पकड़ा।
- पंजाब की चेन स्नेचर गैंग: सोडाला पुलिस ने पटियाला के दो शातिर स्नेचर्स को गिरफ्तार किया।
- एटीएम हेल्पर गैंग: झोटवाड़ा पुलिस ने मेवात, दिल्ली, यूपी के बदमाशों को पकड़ा जो मदद के बहाने कार्ड बदलते थे।
- हाईटेक गुलेल गैंग: जवाहर नगर से बिहार और तमिलनाडु के बदमाशों ने कीमती सामान चुराया।
- मध्य प्रदेश की 'रेकी और रन' गैंग: एमपी के बदमाश होटलों में रुककर चोरियों को अंजाम देते थे।
- साइबर ठगी: एक डॉक्टर से 3.81 करोड़ की ठगी के मामले में नागपुर का साइबर क्रिमिनल गिरफ्तार हुआ।
- नेपाल कनेक्शन: कानोता बाग में घरेलू नौकरों ने एक बुजुर्ग महिला को बंधक बनाकर लूटा।
- गैंगस्टर नेटवर्क: जी क्लब फायरिंग के तार लॉरेंस बिश्नोई और रोहित गोदारा नेटवर्क से जुड़े, जिसमें उत्तराखंड, चूरू और बीकानेर के अपराधी शामिल थे।
विशेषज्ञों की राय
विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर जैसे फैलते मेट्रो शहर में अब 'ट्रेडिशनल पुलिसिंग' की जगह 'स्मार्ट डिजिटल पुलिसिंग' की जरूरत है। बीट कांस्टेबलों को अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी होनी चाहिए और साइबर सेल को और मजबूत करना समय की मांग है।
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