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जयपुर: गुलाबी नगरी बनी अपराधियों की पनाहगाह, जानें बड़ी वजह

बलजीत सिंह शेखावत · 19 जुलाई 2026, 03:21 दोपहर
गुलाबी नगरी अब यूपी, दिल्ली, हरियाणा और नेपाल तक के शातिर अपराधियों के लिए सबसे मुफीद ठिकाना बन गई है। किरायेदार सत्यापन का अभाव सबसे बड़ी वजह है।

गुलाबी नगरी पर अपराध का साया

जयपुर | गुलाबी नगरी का जो शांत मिजाज और महफूज माहौल कभी उसकी पहचान हुआ करता था, आज वही जयपुर देश-प्रदेश के शातिर अपराधियों के लिए सबसे मुफीद ठिकाना बनता जा रहा है। पुलिस के हालिया आंकड़े इस चौंकाने वाले सच की गवाही दे रहे हैं।

उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब से लेकर नेपाल तक के बदमाशों ने जयपुर को अपनी सुरक्षित पनाहगाह बना लिया है।

अपराधियों के लिए क्यों मुफीद है जयपुर?

शहर का तेजी से होता शहरीकरण और बिना पुख्ता जांच के आसानी से मिलने वाले फ्लैट्स व पीजी आवास इन बाहरी अपराधियों के लिए सुरक्षा कवच बन रहे हैं। 'किरायेदार सत्यापन का अभाव' सबसे कमजोर कड़ी साबित हो रहा है।

शहर में बढ़ रहे 4 प्रमुख अपराध

आपराधिक गिरोहों ने शहर में विभिन्न तरीकों से अपने पैर पसारे हैं, जिनमें ये चार प्रमुख हैं:

1. हनीट्रैप और ब्लैकमेलिंग

फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल के जरिये शहर के अमीर लोगों को फंसाकर अश्लील वीडियो के जरिये मोटी उगाही की जाती है।

2. संगठित ठगी और तस्करी

युवाओं में सिंथेटिक ड्रग्स और अवैध हथियारों की सप्लाई के लिए बाहरी राज्यों के पैडलर्स सक्रिय हैं, खासकर कोचिंग इलाकों में।

3. रंगदारी और फायरिंग

गैंगस्टर्स सोशल मीडिया के जरिये युवाओं को आकर्षित कर रहे हैं और व्यापारियों से करोड़ों की रंगदारी मांगना आम हो गया है।

4. लग्जरी लाइफस्टाइल की चाह

पुलिस की गिरफ्त में आए अधिकांश आरोपी 18 से 25 वर्ष के हैं, जो महंगे शौक पूरे करने के लिए अपराध की दुनिया में कदम रख रहे हैं।

पुलिस की पकड़ में आए बड़े मामले

पिछले कुछ समय में सामने आए ये मामले पुष्टि करते हैं कि कैसे बाहरी अपराधी जयपुर में सक्रिय हैं:

विशेषज्ञों की राय

विशेषज्ञों का मानना है कि जयपुर जैसे फैलते मेट्रो शहर में अब 'ट्रेडिशनल पुलिसिंग' की जगह 'स्मार्ट डिजिटल पुलिसिंग' की जरूरत है। बीट कांस्टेबलों को अपने क्षेत्र की पूरी जानकारी होनी चाहिए और साइबर सेल को और मजबूत करना समय की मांग है।

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