जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर और बीकानेर में आज उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब जिला एवं सत्र न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी मिली।
इस धमकी भरे संदेश ने न्यायिक और प्रशासनिक महकमे में जबरदस्त हड़कंप मचा दिया है। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं।
जयपुर सेशन कोर्ट में सर्च ऑपरेशन
जयपुर जिला एवं सत्र न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के तुरंत बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं।
कोर्ट परिसर को तुरंत खाली कराया गया और न्यायिक अधिकारियों सहित सभी कर्मचारियों को बाहर निकाला गया। पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है।
डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाकर कोर्ट परिसर के प्रत्येक कोने की सघन तलाशी ली गई। पुलिस हर संदिग्ध वस्तु की जांच कर रही है।
बीकानेर में भी दहशत का माहौल
बीकानेर शहर के जिला एवं सत्र न्यायालय को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली है। इससे न्यायालय परिसर में मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वारा इस गंभीर सूचना से अवगत कराए जाने के बाद बार एसोसिएशन ने तत्काल अलर्ट जारी किया है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट अजय कुमार पुरोहित ने सभी अधिवक्ताओं से अपील की है कि वे अगले निर्देशों तक सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।
वकीलों और स्टाफ को सुरक्षित निकाला गया
धमकी की गंभीरता को देखते हुए बीकानेर कोर्ट परिसर में मौजूद सभी अधिवक्ताओं और स्टाफ को तुरंत परिसर खाली करने के निर्देश दिए गए।
सुरक्षा एजेंसियों ने न्यायालय परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।
पुलिस प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें और अफवाहों पर ध्यान न दें। सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं।
चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी
बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वाड ने कोर्ट परिसर के संवेदनशील स्थानों की बारीकी से जांच की। इसमें एडवोकेट चैंबर और कोर्ट रूम शामिल हैं।
न्यायिक अधिकारियों के कक्ष और आसपास के सभी गलियारों को खंगाला गया। कई घंटों तक चले इस सर्च ऑपरेशन के दौरान सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद रहीं।
गहन जांच के बाद जब कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, तब जाकर प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो सकी।
श्रीगंगानगर में भी मिली थी धमकी
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में कोर्ट को धमकी मिलने का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले श्रीगंगानगर कोर्ट को भी धमकी मिली थी।
बीते 25 मार्च को श्रीगंगानगर के जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर को डाक के जरिए बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र भेजा गया था।
उस समय भी बीकानेर से बम निरोधक दस्ता बुलाया गया था और पूरे परिसर की सघन तलाशी ली गई थी। बार-बार मिल रही इन धमकियों ने सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठते सवाल
कोर्ट परिसरों को बार-बार निशाना बनाने की धमकियों से वकीलों और न्यायिक कर्मचारियों में असुरक्षा की भावना पैदा हो रही है।
कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अब इन धमकियों के पीछे के स्रोतों का पता लगाने में जुटी है। साइबर सेल भी इस मामले की जांच कर रही है।
पुलिस का कहना है कि इस तरह की शरारत करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
न्यायिक कार्य हुआ प्रभावित
बम की धमकी और सर्च ऑपरेशन के कारण जयपुर और बीकानेर दोनों ही स्थानों पर न्यायिक कार्य पूरी तरह प्रभावित रहा।
अदालतों में होने वाली सुनवाइयों को टालना पड़ा और वादियों को बैरंग लौटना पड़ा। कोर्ट परिसर में सुरक्षा ऑडिट की मांग भी अब तेज होने लगी है।
फिलहाल पुलिस ने सुरक्षा घेरा मजबूत कर दिया है और आने-जाने वाले हर व्यक्ति की सघन चेकिंग की जा रही है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रख रहा है।