जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में जनगणना 2027 के महाभियान का आगाज हो चुका है। जिला कलेक्टर संदेश नायक ने कलेक्ट्रेट में खुद अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर इस अभियान की शुरुआत की। उन्होंने नागरिकों से इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का आह्वान किया है।
जनगणना 2027: अब मोबाइल से होगी स्व-गणना
कलेक्टर ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने बताया कि स्मार्टफोन के जरिए जानकारी दर्ज करना बेहद आसान, सुरक्षित और समय बचाने वाली प्रक्रिया है।
स्व-गणना के लिए सरकार ने एक विशेष पोर्टल https://se.census.gov.in तैयार किया है। यहां नागरिक अपनी और अपने परिवार की जानकारी कुछ ही मिनटों में आसानी से अपडेट कर सकते हैं।
इस डिजिटल पहल का मुख्य उद्देश्य सटीक और अद्यतन आंकड़े प्राप्त करना है। इससे भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को बेहतर ढंग से लागू करने में बड़ी मदद मिलेगी।
कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन? स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
प्रक्रिया की शुरुआत पोर्टल पर लॉगिन और बेसिक जानकारी के साथ होती है। इसके बाद हाउसहोल्ड रजिस्ट्रेशन सेक्शन में परिवार के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होता है।
ओटीपी के माध्यम से सत्यापन करने के बाद आप अपनी पसंदीदा भाषा चुन सकते हैं। फिर आपको अपने जिला, क्षेत्र और घर की सटीक लोकेशन मैप पर मार्क करनी होगी।
अगले चरण में मकान की स्थिति, सदस्यों की संख्या और उपलब्ध सुविधाओं का विवरण देना होगा। फॉर्म सबमिट करने पर 11 अंकों का एसई आईडी (SE ID) प्राप्त होगा।
यह प्रक्रिया अत्यंत सरल और समय की बचत करने वाली है। नागरिकों को अपनी जानकारी स्वयं दर्ज करनी चाहिए ताकि आंकड़ों में किसी भी प्रकार की त्रुटि न रहे।
इन 33 सवालों के देने होंगे जवाब
ऑनलाइन फॉर्म में कुल 33 प्रश्न पूछे गए हैं। इनमें पानी, बिजली, शौचालय, किचन, इंटरनेट, वाहन और घर के स्वामित्व से संबंधित महत्वपूर्ण प्रश्न शामिल किए गए हैं।
ध्यान रहे कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही परिवार का पंजीकरण संभव है। अधूरा फॉर्म मान्य नहीं होगा, इसलिए पूरी जानकारी सावधानीपूर्वक और पूरी भरें।
स्व-गणना का यह विशेष अभियान 1 मई से शुरू होकर 15 मई तक चलेगा। इसके बाद 16 मई से जमीनी स्तर पर डोर-टू-डोर सर्वे शुरू किया जाएगा।
50 हजार कर्मचारी करेंगे घर-घर सर्वे
16 मई से 14 जून तक चलने वाले डोर-टू-डोर सर्वे के लिए लगभग 50 हजार सरकारी कर्मचारी तैनात किए गए हैं। वे हर घर जाकर डेटा सत्यापित करेंगे।
सर्वे के दौरान प्रगणक को अपना 11 अंकों का एसई आईडी दिखाना अनिवार्य होगा। यदि आपने स्व-गणना कर ली है, तो प्रगणक को केवल यह आईडी दिखाना पर्याप्त होगा।
जयपुर जिला प्रशासन इस अभियान के व्यापक प्रचार-प्रसार में जुटा है। रेडियो, सोशल मीडिया और विज्ञापनों के जरिए लोगों को इस डिजिटल प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
डिजिटल जनगणना की यह पहल सरकारी कामकाज में पारदर्शिता लाने में मील का पत्थर साबित होगी। जयपुर के जागरूक नागरिकों का सहयोग ही इस राष्ट्रीय अभियान को सफल बनाएगा।
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