जयपुर | जयपुर जिले में आगामी जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण और मकानों की गणना का कार्य अब डिजिटल होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने इसके लिए स्व-गणना (Self-enumeration) की व्यवस्था शुरू की है, जो 1 मई से 15 मई तक प्रभावी रूप से संचालित की जाएगी।
कैसे करें स्व-गणना? पोर्टल की पूरी जानकारी
प्रमुख जनगणना अधिकारी एवं जिला कलक्टर संदेश नायक ने बताया कि इसके लिए अधिकृत पोर्टल http://se.census.gov.in को विकसित किया गया है। इस पोर्टल पर जाकर परिवार का मुखिया या कोई भी एक जिम्मेदार सदस्य अपने परिवार की जानकारी आसानी से अपलोड कर सकेगा। स्व-गणना का पोर्टल 1 मई से प्रारम्भ होकर 15 मई के बीच खुला रहेगा, जिसका उपयोग डेस्कटॉप अथवा स्मार्टफोन दोनों पर किया जा सकता है। यह प्रक्रिया आमजन की सुविधा के लिए बनाई गई है ताकि वे अपनी जानकारी स्वयं और सटीक तरीके से दर्ज कर सकें।
सुरक्षा का रखें ध्यान: ओटीपी शेयर न करें
कलक्टर संदेश नायक ने सुरक्षा के लिहाज से एक महत्वपूर्ण निर्देश भी जारी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब प्रगणक डेटा सत्यापन के लिए आपके घर आएं, तो उन्हें अपना ओटीपी (OTP) बिल्कुल भी शेयर न करें।
जिला कलक्टर संदेश नायक ने कहा, 'आमजन स्व-गणना पोर्टल का अधिकतम उपयोग करें और जनगणना कार्य को पूरी गंभीरता व निष्ठा से संपन्न करने में सहयोग दें।'
डेटा एडिट और सत्यापन की प्रक्रिया
स्व-गणना के दौरान डेटा अंकित करने के बाद उपयोगकर्ता को एक प्री-व्यू दिखाई देगा। यदि परिवार का मुखिया डेटा में कुछ सुधार करना चाहता है, तो वह एडिट ऑप्शन पर जाकर जानकारी बदल सकता है। एक बार फाइनल सबमिट करने के बाद पोर्टल पर डेटा एडिट नहीं होगा। हालांकि, यदि कोई त्रुटि रह जाती है, तो जब प्रगणक भौतिक सत्यापन के लिए घर आएंगे, तब आप उन्हें सही सूचना देकर डेटा अपडेट करा सकेंगे।
जयपुर में प्रशासनिक तैयारियों का खाका
जयपुर जिले के किशनपोल जोन के वार्ड संख्या 55, 56 एवं 63 में जनगणना प्री-टेस्ट का कार्य नवम्बर 2025 तक ही पूर्ण कर लिया गया है। सीमा सील करने और प्रशासनिक इकाइयों के मानचित्रों का सत्यापन भी 31 दिसंबर 2025 तक पूरा हो चुका है। जनगणना कार्य के सुचारु संचालन के लिए जिला एवं चार्ज स्तर पर विशेष जनगणना सेल का गठन किया गया है। जिले में कुल 5277 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनके लिए 4779 प्रगणक और 780 सुपरवाईजर नियुक्त किए गए हैं।
प्रशिक्षण और आगामी चरणों का कार्यक्रम
जनगणना से संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। इसमें जिला स्तरीय अधिकारी, डीओआईटी अधिकारी, तहसीलदार और नायब तहसीलदार सहित कुल 16 से 20 फरवरी 2026 तक विभिन्न चरणों में ट्रेनिंग दी गई है। जनगणना प्रबंधन एवं निगरानी प्रणाली (CMMS) पर आईडी मैपिंग और ब्लॉक निर्माण जैसे सभी तकनीकी कार्य भी पूरे कर लिए गए हैं। आगामी चरण में मकान सूचीकरण एवं भवन गणना का कार्य 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रस्तावित है। इसके पश्चात, द्वितीय चरण में वास्तविक जनसंख्या गणना का मुख्य कार्य फरवरी 2027 में किया जाएगा। जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य को पूरी निष्ठा के साथ संपन्न करने के कड़े निर्देश दिए हैं। यह डिजिटल पहल न केवल डेटा संग्रह को आसान बनाएगी बल्कि पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगी। आमजन की सक्रिय भागीदारी ही इस विशाल गणना अभियान को सफल और त्रुटिहीन बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
*Edit with Google AI Studio