जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के जमवारामगढ़ इलाके में प्रशासन ने मुस्तैदी दिखाते हुए दो मासूम बच्चियों की जिंदगी बर्बाद होने से बचा ली। यहां महज 5 और 8 साल की बच्चियों का बाल विवाह गुपचुप तरीके से कराया जा रहा था। सूचना मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकरण और पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर इस गैर-कानूनी काम को रुकवाया। इन बच्चियों की शादी 9 और 11 साल के लड़कों से होनी थी।
आधी रात को जज ने दिया आदेश
जमवारामगढ़ के न्यायिक अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण लिंक मजिस्ट्रेट हुमा कौहरी ने रात में ही अपने घर से बाल विवाह निषेधाज्ञा आदेश पारित किया। प्रशासन को खबर मिली थी कि परिजन पकड़े जाने के डर से तय तारीख से एक दिन पहले ही फेरे करवाने की फिराक में थे। टीम ने तुरंत सरजौली पहुंचकर समझाइश की।
बच्चियां भेजी गईं बालिका गृह
कार्रवाई के बाद दोनों नाबालिग बच्चियों को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी को सौंप दिया गया। कोर्ट के सख्त आदेश के बाद अब वे बालिका गृह में पूरी तरह सुरक्षित रहेंगी।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव पवन जीनवाल ने बताया कि हमें प्रयास संस्था से इस शादी की सूचना मिली थी, जिसके बाद तुरंत एक्शन लिया गया।
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत परिजनों को नोटिस जारी किया गया है। प्रशासन ने कड़ी चेतावनी दी है कि दोबारा ऐसी कोशिश करने पर सख्त कानूनी कार्रवाई और जेल होगी। यह घटना समाज में व्याप्त कुरीतियों की ओर इशारा करती है, लेकिन प्रशासन की सतर्कता ने दो मासूमों का भविष्य संवार दिया। अब इन बच्चियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन उठाएगा।
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