जयपुर | जयपुर जिला कलेक्ट्रेट के सभागार में गुरुवार को एक बेहद गरिमामय और भावनात्मक वातावरण देखा गया। अवसर था जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के विदाई समारोह का, जहां उन्हें भावभीनी विदाई दी गई। समारोह के दौरान उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने डॉ. सोनी को स्मृतिचिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट किए। उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दक्षता और जनसंवेदनशीलता का एक उत्कृष्ट उदाहरण माना गया।
डॉ. सोनी को भावभीनी विदाई: जयपुर जिला कलक्टर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी को दी गई भावभीनी विदाई, नवाचारों और संवेदनशीलता के लिए किया गया याद
जयपुर जिला कलेक्ट्रेट में डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी के विदाई समारोह का आयोजन हुआ। इसमें उनके 18 महीनों के कार्यकाल के दौरान किए गए 'रास्ता खोलो' और 'सक्षम जयपुर' जैसे नवाचारों की सराहना की गई।
HIGHLIGHTS
- डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी को जयपुर कलेक्ट्रेट में गरिमामय समारोह के साथ विदाई दी गई।
- उनके कार्यकाल में 'रास्ता खोलो' और 'सक्षम जयपुर' जैसे महत्वपूर्ण अभियान चलाए गए।
- सीईओ प्रतिभा वर्मा ने डॉ. सोनी के 18 महीनों के कार्यकाल को स्वर्णिम अध्याय बताया।
- डॉ. सोनी ने अपनी सफलताओं का पूरा श्रेय जिला प्रशासन की टीम को दिया।
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प्रशासनिक दक्षता का स्वर्णिम अध्याय
जिला परिषद की मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्रीमती प्रतिभा वर्मा ने डॉ. सोनी के योगदान की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने उनके कार्यकाल को जयपुर प्रशासन के लिए एक 'स्वर्णिम अध्याय' करार दिया। श्रीमती वर्मा ने कहा कि डॉ. सोनी के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने न केवल सरकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया, बल्कि आमजन की समस्याओं को हल करने के लिए कई नए रास्ते भी खोजे। पिछले 18 महीनों में जयपुर जिले ने विकास के नए आयाम स्थापित किए हैं। डॉ. सोनी के मार्गदर्शन में टीम वर्क की भावना को बल मिला, जिससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आई है।
नवाचारों से मिली आमजन को राहत
समारोह में डॉ. सोनी द्वारा शुरू किए गए नवाचारों की विशेष चर्चा हुई। 'रास्ता खोलो अभियान' के माध्यम से जिले में वर्षों से बंद पड़े रास्तों को खुलवाकर हजारों ग्रामीणों को बड़ी राहत दी गई। इसी तरह 'सक्षम जयपुर अभियान' ने सरकारी सेवाओं को सीधे जनता के दरवाजे तक पहुंचाने का कार्य किया। इस अभियान की सफलता ने प्रशासन और जनता के बीच की दूरी को कम करने में बड़ी भूमिका निभाई। 'नरेगा आखर अभियान' के जरिए शिक्षा और रोजगार के बीच एक अनूठा समन्वय स्थापित किया गया। वहीं, 'नारी चौपाल' ने महिलाओं को अपनी समस्याएं साझा करने और उनके त्वरित समाधान के लिए एक सशक्त मंच प्रदान किया।
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डॉ. सोनी का विनम्र और भावुक संबोधन
अपनी विदाई पर डॉ. जितेन्द्र कुमार सोनी काफी भावुक नजर आए। उन्होंने बेहद विनम्रता के साथ जिला प्रशासन के प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी का उनके सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। डॉ. सोनी ने कहा, "जयपुर में बिताया गया यह समय मेरे जीवन के सबसे यादगार पलों में से एक रहेगा। यहाँ की टीम की प्रतिबद्धता और समर्पण ही मेरी असली ताकत रही है।" उन्होंने आगे कहा कि यदि उनके कार्यकाल में कोई भी उपलब्धि हासिल हुई है, तो उसका पूरा श्रेय उनकी टीम को जाता है। उन्होंने किसी भी कमी के लिए स्वयं को जिम्मेदार मानकर अपनी महानता का परिचय दिया।
कर्तव्यनिष्ठा का संदेश
डॉ. सोनी ने उपस्थित अधिकारियों से आह्वान किया कि वे हमेशा आमजन के हितों को सर्वोपरि रखें। उन्होंने राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को संवेदनशीलता के साथ लागू करने पर जोर दिया। अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि डॉ. सोनी ने हमेशा एक सकारात्मक कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया। उन्होंने कभी भी पद के अहंकार को अपने काम के बीच नहीं आने दिया।
समारोह में गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस विदाई समारोह में अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रथम) श्रीमती विनीता सिंह और अतिरिक्त जिला कलक्टर (चतुर्थ) श्री आशीष कुमार सहित अनेक जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे। विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने भी बड़ी संख्या में भाग लेकर अपने प्रिय कलक्टर को विदाई दी। समारोह का समापन बहुत ही भावुक क्षणों के साथ हुआ, जहाँ सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. सोनी को उनकी नई जिम्मेदारियों के लिए शुभकामनाएं दी गईं। उनकी कार्यशैली और मानवीय दृष्टिकोण को जयपुर कलेक्ट्रेट के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
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