जयपुर | जयपुर जिला प्रशासन अब सरकारी योजनाओं की रफ्तार बढ़ाने के लिए पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। जिला कलेक्टर संदेश नायक ने कलेक्ट्रेट सभागार में फ्लैगशिप योजनाओं की समीक्षा की।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को दो-टूक शब्दों में कहा कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विभागवार प्रगति की विस्तृत समीक्षा की और कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए।
एनएफएसए और ई-मित्र केंद्रों पर सख्ती
खाद्य सुरक्षा योजना (NFSA) के तहत नए पात्र परिवारों को जोड़ने के काम में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने रसद अधिकारियों को नियमित रूप से मॉनिटरिंग करने और रैंकिंग सुधारने को कहा।
कलेक्टर ने सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग को उन ई-मित्र केंद्रों की सघन जांच के आदेश दिए हैं, जहां आवेदन लंबित हैं। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों की कमी का बहाना बनाकर जनता के काम न रोके जाएं।
विकास योजनाओं की रैंकिंग में सुधार
मुख्य आयोजना अधिकारी डॉ. सुदीप कुमावत ने बताया कि कुसुम योजना और लाडो प्रोत्साहन योजना की स्थिति में सुधार की आवश्यकता है। कलेक्टर ने इन योजनाओं को प्राथमिकता पर लेने के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी व ग्रामीण) और स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति पर भी गहरा मंथन हुआ। कलेक्टर ने स्वायत्त शासन विभाग को निर्देश दिए कि वे नगरीय निकायों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें।
अधिकारियों को 15 दिन का अल्टीमेटम
कलेक्टर संदेश नायक ने कम रैंकिंग वाले विभागों को सख्त चेतावनी देते हुए 15 दिन का समय दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय में प्रगति न होने पर जवाबदेही तय की जाएगी।
मिशन हरियालो राजस्थान के तहत वृक्षारोपण के लक्ष्यों को भी समय पर पूरा करने की हिदायत दी गई। बैठक में जिला परिषद सीईओ प्रतिभा वर्मा और एडीएम मुकेश कुमार मूंड सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जिले को विकास के पैमानों पर अव्वल बनाना है। कलेक्टर ने कहा कि अंतर्विभागीय समस्याओं का निस्तारण शीघ्र किया जाए ताकि काम की गति प्रभावित न हो और जनता को राहत मिले।