जयपुर |
राजस्थान की राजधानी जयपुर से बिजली विभाग को लेकर एक बहुत ही सुखद और ऐतिहासिक खबर सामने आ रही है। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) ने वित्तीय प्रबंधन और राजस्व वसूली में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
जयपुर डिस्कॉम ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान राजस्व संग्रहण के मामले में अपने पिछले 26 सालों के रिकॉर्ड्स को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया है। निगम की इस सफलता ने पूरे प्रदेश में विभाग का मान बढ़ाया है।
26 साल का सबसे बड़ा रिकॉर्ड
इस वित्तीय वर्ष में जयपुर डिस्कॉम की कुल राजस्व वसूली 29,462 करोड़ रुपये से अधिक दर्ज की गई है। यह आंकड़ा निगम के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा संग्रहण है, जो प्रबंधन की कुशलता को दर्शाता है।
आंकड़ों के अनुसार, इस साल कुल बिलिंग राशि 28,863 करोड़ रुपये थी। लेकिन वसूली इससे 599 करोड़ रुपये ज्यादा यानी 29,462 करोड़ रुपये हुई। यह उपलब्धि विभाग के लिए किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है।
102 प्रतिशत राजस्व की ऐतिहासिक उपलब्धि
इस शानदार प्रदर्शन के साथ जयपुर डिस्कॉम ने 102 प्रतिशत राजस्व अर्जित करने में सफलता प्राप्त की है। इसका मतलब है कि निगम ने चालू वित्त वर्ष की बिलिंग के साथ-साथ पुराने बकायेदारों से भी वसूली की है।
इससे पहले का रिकॉर्ड वित्तीय वर्ष 2017-18 में 101.02 प्रतिशत का था। लेकिन इस बार की 102 फीसदी की वसूली ने नया इतिहास रच दिया है। यह डिस्कॉम की वित्तीय सेहत के लिए एक बेहतरीन संकेत है।
भरतपुर जोन ने किया कमाल
निगम के विभिन्न जोनों में भरतपुर जोन सबसे अव्वल रहा है। भरतपुर जोन ने अविश्वसनीय 104.63 प्रतिशत राजस्व प्राप्त किया है। इसके बाद कोटा जोन ने 103.64 प्रतिशत और जयपुर जोन ने 101.32 प्रतिशत वसूली की है।
भरतपुर जोन की यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि भरतपुर, डीग, धौलपुर और करौली जैसे जिलों में वसूली हमेशा से चुनौतीपूर्ण रही है। यहां बिजली चोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाए गए थे।
अधिकारियों और कर्मचारियों की मेहनत
इस सफलता का श्रेय डिस्कॉम के उन हजारों लाइनमैनों और इंजीनियरों को जाता है, जिन्होंने फील्ड में कड़ी मेहनत की। प्रबंधन ने मॉनिटरिंग के लिए आधुनिक तकनीक और डेटा एनालिटिक्स का भी सहारा लिया।
राजस्व में हुई इस भारी बढ़ोतरी से राजस्थान में बिजली के बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जा सकेगा। इससे उपभोक्ताओं को भविष्य में निर्बाध बिजली आपूर्ति और बेहतर सुविधाएं मिलने की पूरी उम्मीद है।
यह रिकॉर्ड न केवल आर्थिक मजबूती का प्रतीक है, बल्कि यह भी साबित करता है कि सही योजना से किसी भी लक्ष्य को पाया जा सकता है। विभाग अब अपनी सेवाओं को और अधिक उपभोक्ता-अनुकूल बनाने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।