जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर एक ऐतिहासिक पल का गवाह बनने जा रही है। 'सद्भावना परिवार' की ओर से आयोजित होने वाले 'आपणो घूमर-2026' कार्यक्रम में 10 हजार महिलाएं एक साथ पारंपरिक घूमर नृत्य प्रस्तुत करेंगी।
विश्व रिकॉर्ड बनाने की अनूठी तैयारी
इस भव्य आयोजन का मुख्य उद्देश्य राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान और नारी शक्ति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाना है। गुरुवार को जवाहर सर्किल पर कार्यक्रम का पोस्टर लॉन्च किया गया।
संस्था अध्यक्ष मनोज पांडेय ने बताया कि यह आयोजन केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं है। यह राजस्थान की समृद्ध परंपरा, महिला सशक्तीकरण और सामूहिक सांस्कृतिक चेतना का एक सशक्त प्रदर्शन साबित होगा।
आयोजकों के अनुसार, इस महा-आयोजन में राजस्थान सहित देश के विभिन्न हिस्सों से महिलाएं हिस्सा लेंगी। 10 हजार महिलाओं को एक मंच पर लाने के लिए बड़े स्तर पर पंजीकरण और अभ्यास सत्र शुरू किए जाएंगे।
प्रशिक्षण और आत्मरक्षा के गुर
कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अनुभवी कोरियोग्राफर्स की टीम को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें सोनू कुमावत, दीपाली गुप्ता, सीमा सेठी और वर्ल्ड रिकॉर्ड होल्डर रोहित शर्मा जैसे नाम शामिल हैं।
इस आयोजन का एक महत्वपूर्ण पहलू महिलाओं की सुरक्षा भी है। कार्यक्रम में शामिल होने वाली महिलाओं को सेल्फ डिफेंस की जरूरी तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिससे उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा।
मनोज पांडेय ने कहा, "यह आयोजन राजस्थान की विरासत, महिला सशक्तीकरण और हमारी एकता का प्रतीक बनेगा। हम इसके जरिए विश्व रिकॉर्ड बनाकर इतिहास रचने की तैयारी कर रहे हैं।"
घूमर: राजस्थान की सांस्कृतिक धड़कन
घूमर राजस्थान का पारंपरिक लोकनृत्य है, जिसकी शुरुआत राजघरानों से हुई थी। आज यह नृत्य तीज, गणगौर और विवाह जैसे मांगलिक अवसरों की जान बन चुका है।
रंग-बिरंगे घाघरा-ओढ़नी में जब महिलाएं गोल घेरे में ताल के साथ थिरकती हैं, तो वह दृश्य मंत्रमुग्ध कर देने वाला होता है। पोस्टर लॉन्च के दौरान भी बड़ी संख्या में उत्साही महिलाएं मौजूद रहीं।
यह आयोजन न केवल एक रिकॉर्ड होगा, बल्कि राजस्थान की गौरवशाली संस्कृति को वैश्विक मानचित्र पर और मजबूती से स्थापित करेगा। इससे पर्यटन और स्थानीय कला को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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