सिरोही | प्रदेश की गौशालाओं की बदहाली और गौ माता से जुड़े मुद्दों को लेकर अब संत समाज, गौशाला संचालक और गो भक्त एकजुट होकर सरकार के सामने अपनी आवाज बुलंद करेंगे।
राजस्थान गो सेवा समिति के तत्वावधान में 9 अक्टूबर को जयपुर की सांगानेर पिंजरापोल गोशाला में गो अधिकार हुंकार महासभा का आयोजन किया जाएगा।
गौशालाओं की समस्याओं पर एकजुटता
समिति के अनुसार इसमें प्रदेशभर की गौशालाओं के संचालकों के साथ संत-महात्मा और बड़ी संख्या में गो भक्त शामिल होंगे।
महासभा का आयोजन राजस्थान गो सेवा समिति के मुख्य संरक्षक मंहत दिनेश गिरी के सानिध्य एवं प्रदेश अध्यक्ष गोविंद राम शास्त्री के मार्गदर्शन में किया जा रहा है।
समिति के मुख्य सलाहकार रघुनाथ सिंह राजपुरोहित भी आयोजन की तैयारियों में जुटे हैं।
अनुदान और चारे की बढ़ती लागत
मुख्य संरक्षक मंहत दिनेश गिरी ने कहा कि गौशालाओं की समस्याओं को लेकर लंबे समय से सरकार और प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया जा रहा है।
बार-बार पत्राचार और बैठकों के बावजूद समाधान नहीं होने से अब प्रदेशभर के गो भक्तों को एक मंच पर आना पड़ा है।
प्रदेश अध्यक्ष गोविंद राम शास्त्री ने कहा कि चारे की लागत में काफी बढ़ोतरी हुई है, ऐसे में गौशालाओं के लिए समय पर अनुदान मिलना बेहद जरूरी है।
सरकार से प्रमुख मांगें
समिति ने सरकार के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं, जिन पर महासभा में चर्चा की जाएगी:
- गौशालाओं को अनुदान का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना।
- ECS में आ रही परेशानियों का स्थायी समाधान।
- पूरे वर्ष पर्यन्त अर्थात 12 माह अनुदान व्यवस्था जारी रखना।
- AG की प्रस्तावित ऑडिट रिकवरी को निरस्त करना।
- टैगिंग, ऑनलाइन डेटा और मैपिंग की त्रुटियों का भार गौशालाओं पर न डालना।
भूमि आवंटन और अतिक्रमण का मुद्दा
मुख्य सलाहकार रघुनाथ सिंह राजपुरोहित ने कहा कि सरकार को अब मांगों पर ठोस निर्णय लेकर गौशाला संस्थाओं को राहत देनी होगी।
इसके अलावा गोचर भूमि का सीमांकन, फेंसिंग और अतिक्रमण हटाने तथा गौशालाओं को भूमि आवंटित करने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी।
महासभा में द्वारिका पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज एवं मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास देवाचार्य महाराज का सानिध्य रहेगा।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने समस्याओं का समाधान नहीं किया तो गौशालाओं का संचालन करना असंभव होगा।
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