जयपुर | गुलाबी नगरी जयपुर इन दिनों भीषण गर्मी और लू की चपेट में है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार जाने से दोपहर में सड़कों पर सन्नाटा पसर रहा है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं।
गर्मी के इस सितम के बीच नगर निगम और जिला प्रशासन ने राहगीरों को राहत देने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। शहर के व्यस्ततम अजमेरी गेट इलाके में एंटी स्मॉग गन और फॉगिंग मशीनों को तैनात किया गया है जो ठंडी बौछारें छोड़ रही हैं।
आमतौर पर प्रदूषण नियंत्रण के लिए इस्तेमाल होने वाली इन मशीनों से अब पानी की महीन बूंदों का छिड़काव किया जा रहा है। यह तकनीक हवा के तापमान को स्थानीय स्तर पर 2 से 3 डिग्री तक कम करने में काफी मददगार साबित हो रही है।
दोपहिया वाहन चालकों और पैदल यात्रियों के लिए यह 'राहत की बौछार' किसी वरदान से कम साबित नहीं हो रही है। व्यस्त चौराहों पर तैनात ये मशीनें दोपहर के समय निरंतर पानी का स्प्रे कर रही हैं ताकि राहगीरों को राहत मिले।
प्रशासन की पहल और मौसम का मिजाज
प्रशासन का मानना है कि यातायात के दबाव वाले क्षेत्रों में यह प्रयोग हीटस्ट्रोक के खतरों को कम करने में सहायक होगा। नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, हमारा उद्देश्य भीड़भाड़ वाले चौराहों पर तापमान को नियंत्रित कर जनता को राहत देना है।
हालांकि, जयपुरवासियों के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी मौसम विभाग की ओर से आई है, जो आने वाले दिनों में राहत का संकेत दे रही है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले 48 घंटों की तपिश के बाद 27 और 28 अप्रैल को मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा।
राजस्थान के कई हिस्सों सहित राजधानी जयपुर में तेज आंधी और अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना जताई गई है। इस दौरान 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी हवाएं चलने और अंधड़ आने का अनुमान भी लगाया गया है।
बारिश के बाद पारा लुढ़क कर 40 डिग्री के नीचे आ सकता है, जिससे 3 मई तक मौसम काफी सुहावना बना रहेगा। लेकिन यह राहत अस्थायी है, क्योंकि मई की शुरुआत होते ही सूर्य देव फिर से अपने प्रचंड तेवर दिखाने को तैयार हैं।
आंधी-बारिश का अलर्ट और मई की चुनौती
मई के पहले सप्ताह में पारा एक बार फिर 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के स्तर को छू सकता है, जो काफी चिंताजनक है। विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि दोपहर 12 से 4 बजे के बीच बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।
अस्पतालों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि लू की चपेट में आने वाले मरीजों को तत्काल उपचार मिल सके। प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पानी की व्यवस्था करने के भी निर्देश दिए हैं ताकि यात्रियों को समस्या न हो।
जयपुर में फिलहाल 'आग और पानी' की यह अनोखी जंग जारी है, जहां प्रशासन और कुदरत दोनों राहत देने की कोशिश में जुटे हैं। आगामी बारिश से मिलने वाली राहत भीषण गर्मी के अगले दौर के लिए तैयार होने का एक छोटा सा अवसर प्रदान करेगी।
शहरवासियों को सलाह दी जाती है कि वे मौसम में होने वाले इस बदलाव के प्रति सतर्क रहें और स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतें। गुलाबी नगरी के निवासी अब 27 तारीख का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि उन्हें इस झुलसाती गर्मी से मुक्ति मिल सके।
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