राजस्थान

जयपुर का सबसे बड़ा सफाई अभियान: जयपुर में कल होगा ऐतिहासिक सफाई महाअभियान: 150 वार्डों में 14 घंटे की 'सफाई सेवा मैराथन', नया रिकॉर्ड बनाने की तैयारी

thinQ360 · 17 अप्रैल 2026, 09:13 रात
जयपुर नगर निगम 18 अप्रैल को शहरव्यापी 'सफाई सेवा मैराथन-2026' आयोजित करने जा रहा है। 150 वार्डों में सुबह 7 से रात 9 बजे तक चलने वाले इस अभियान का उद्देश्य रिकॉर्ड कचरा उठाना और शहर को स्वच्छ बनाना है।

जयपुर |

राजस्थान की राजधानी जयपुर में कल स्वच्छता का एक नया अध्याय लिखा जाने वाला है।

जयपुर नगर निगम अब तक का सबसे बड़ा और व्यापक सफाई अभियान शुरू करने की तैयारी में है।

नगर निगम आयुक्त ओम कसेरा की अगुवाई में 18 अप्रैल को 'सफाई सेवा मैराथन-2026' का आयोजन होगा।

स्वच्छता की एक नई इबारत

जयपुर शहर को कचरा मुक्त बनाने के लिए यह नगर निगम की एक महत्वाकांक्षी योजना है।

इस अभियान के तहत शहर के सभी 13 जोन और 150 वार्डों को कवर किया जाएगा।

सफाई का यह विशेष कार्य सुबह 7 बजे शुरू होगा और रात 9 बजे तक निरंतर चलेगा।

यह पहली बार है जब नगर निगम के अधिकारी और कर्मचारी इतनी लंबी अवधि तक फील्ड में रहेंगे।

आयुक्त ओम कसेरा ने खुद इस अभियान की कमान संभाली है और पूरी योजना तैयार की है।

मैदान में उतरेंगे निगम के सभी अधिकारी

इस महाअभियान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि निगम के अधिकारी दफ्तरों में नहीं बैठेंगे।

सभी अधिकारी और कर्मचारी पूरे 14 घंटे तक फील्ड में रहकर सफाई कार्यों की निगरानी करेंगे।

निगम मुख्यालय में मीडिया से बात करते हुए आयुक्त ने इस अभियान के उद्देश्यों को स्पष्ट किया।

उन्होंने बताया कि इस स्तर का सफाई अभियान जयपुर के इतिहास में पहली बार आयोजित हो रहा है।

शहर के कोने-कोने से कचरा हटाने के लिए अतिरिक्त संसाधन भी जुटाए गए हैं।

रिकॉर्ड कचरा उठाने का लक्ष्य

जयपुर में सामान्य दिनों में रोजाना लगभग 2000 से 3000 टन कचरा उठाया जाता है।

लेकिन इस विशेष अभियान के दौरान इस आंकड़े को पार करने और नया रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य है।

निगम प्रशासन चाहता है कि शहर की सड़कों और गलियों में जमा बरसों पुराना कचरा भी साफ हो जाए।

इसके लिए मैनपावर के साथ-साथ मशीनी संसाधनों का भी भरपूर इस्तेमाल किया जाएगा।

कमिश्नर ओम कसेरा ने भरोसा जताया कि टीम वर्क से यह लक्ष्य आसानी से हासिल होगा।

एनजीओ और संस्थानों का मिलेगा साथ

यह अभियान केवल नगर निगम के कर्मचारियों तक ही सीमित नहीं रहने वाला है।

इसमें शहर के विभिन्न एनजीओ और सामाजिक संस्थान भी अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएंगे।

स्वैच्छिक संस्थाओं ने इस नेक काम में निगम का हाथ बंटाने का भरोसा दिलाया है।

जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए कई मोहल्ला समितियों को भी इस अभियान से जोड़ा गया है।

जब पूरा शहर एक साथ सफाई के लिए खड़ा होगा, तभी जयपुर की तस्वीर बदलेगी।

ओपन डिपो को खत्म करने की योजना

शहर में कचरे के ढेर यानी ओपन डिपो एक बड़ी समस्या बने हुए हैं।

इस अभियान के दौरान इन ओपन डिपो को पूरी तरह खत्म करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इसके लिए निगम अत्याधुनिक तकनीक और नए संसाधनों का इस्तेमाल शुरू करने जा रहा है।

शुरुआती तौर पर इसे कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा।

सफल रहने पर इस तकनीक को पूरे जयपुर शहर में विस्तार दिया जाएगा।

कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन राशि का ऐलान

अभियान में काम करने वाले कर्मचारियों का उत्साह बढ़ाने के लिए इनामों की घोषणा की गई है।

नगर निगम ने स्वच्छता निरीक्षकों (CSI) की रैंकिंग तय करने का फैसला लिया है।

बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को नकद पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

प्रथम स्थान पर आने वाले CSI को 21 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

वहीं उनकी टीम के SI को 11 हजार रुपये और जमादारों को 1100 रुपये मिलेंगे।

द्वितीय और तृतीय पुरस्कारों की भी व्यवस्था

प्रोत्साहन की यह योजना केवल पहले स्थान तक ही सीमित नहीं है।

द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाली टीम को 11 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा।

तृतीय स्थान पर रहने वाले कर्मचारियों को 5100 रुपये तक की राशि प्रदान की जाएगी।

यह पूरी राशि CSR फंड के तहत राजस्थान सोलर एसोसिएशन द्वारा दी जा रही है।

इस पहल से कर्मचारियों के बीच एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का माहौल बनेगा।

स्वच्छता हीरो और स्टार ऑफ नगर निगम

उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों को विशेष पहचान भी दी जाएगी।

उन्हें 'स्वच्छता हीरो' और 'स्टार ऑफ नगर निगम' के रूप में सम्मानित किया जाएगा।

इतना ही नहीं, उनकी तस्वीरें एक महीने तक निगम मुख्यालय में प्रदर्शित की जाएंगी।

आयुक्त का मानना है कि इससे अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर काम करने की प्रेरणा मिलेगी।

सम्मान और पहचान किसी भी कर्मचारी के मनोबल को बढ़ाने के लिए आवश्यक है।

आमजन से सहयोग की अपील

आयुक्त ओम कसेरा ने जयपुर की जनता से भी इस अभियान में जुड़ने की अपील की है।

उन्होंने कहा कि बिना नागरिकों के सहयोग के कोई भी अभियान सफल नहीं हो सकता।

लोग अपने घरों का कचरा केवल निगम की गाड़ियों में ही डालें और सड़कों पर न फेंकें।

इस अभियान को एक जन आंदोलन बनाने की कोशिश की जा रही है।

जयपुर को स्वच्छ और सुंदर बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।

भविष्य की तैयारियों का रोडमैप

यह सफाई मैराथन केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि भविष्य की तैयारी है।

निगम प्रशासन इसके जरिए सफाई व्यवस्था की कमियों को भी पहचानना चाहता है।

अभियान के दौरान जो आंकड़े और फीडबैक मिलेंगे, उनका उपयोग आगे की योजना में होगा।

जयपुर को देश के सबसे स्वच्छ शहरों की श्रेणी में लाने का यह एक बड़ा कदम है।

आने वाले समय में ऐसे और भी कई नवाचार जयपुर में देखने को मिलेंगे।

तकनीक और संसाधनों का समन्वय

सफाई कार्य को प्रभावी बनाने के लिए डंपर, जेसीबी और अन्य मशीनों का रूट तय किया गया है।

किस वार्ड में कितनी मशीनें लगेंगी, इसका पूरा चार्ट पहले ही तैयार हो चुका है।

कंट्रोल रूम से पल-पल की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।

कर्मचारियों की उपस्थिति और कचरा उठाने की प्रक्रिया की जियो-टैगिंग भी की जा सकती है।

पारदर्शिता और जवाबदेही इस पूरे अभियान का मुख्य आधार है।

जयपुर की नई पहचान की ओर कदम

पिंक सिटी के नाम से मशहूर जयपुर अब अपनी स्वच्छता के लिए भी जाना जाएगा।

नगर निगम की यह पहल पर्यटन की दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

साफ-सुथरा शहर पर्यटकों को आकर्षित करता है और स्थानीय निवासियों का जीवन सुधारता है।

कल का दिन जयपुर के लिए वास्तव में एक स्वच्छता उत्सव जैसा होने वाला है।

नगर निगम की पूरी टीम इस चुनौती को स्वीकार करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

अंतिम लक्ष्य: एक स्वच्छ और स्वस्थ जयपुर

आयुक्त कसेरा ने अंत में कहा कि हमारा लक्ष्य केवल कचरा उठाना नहीं है।

हम चाहते हैं कि जयपुर का हर नागरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक बने।

कल का रिकॉर्ड बनाना तो केवल एक शुरुआत है, असली जीत निरंतरता में है।

नगर निगम की इस मुहिम को सफल बनाने के लिए पूरा प्रशासनिक अमला मुस्तैद है।

अब देखना होगा कि कल जयपुर की जनता और निगम की टीम मिलकर क्या कमाल करती है।

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