राजस्थान

जयपुर-फुलेरा रेल ब्लॉक: ट्रेनें रद्द: जयपुर-फुलेरा ट्रैक पर रेल ब्लॉक: कई ट्रेनें रद्द और लेट

गणपत सिंह मांडोली · 26 अप्रैल 2026, 12:53 दोपहर
धानक्या स्टेशन पर अंडरपास निर्माण के कारण जयपुर-फुलेरा रेलखंड पर यातायात प्रभावित रहेगा।

जयपुर | उत्तर पश्चिम रेलवे के जयपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले धानक्या स्टेशन यार्ड में महत्वपूर्ण विकास कार्य होने जा रहा है।
इस कार्य के चलते रेलवे प्रशासन ने पटरियों पर ब्लॉक लेने का निर्णय लिया है, जिससे कई ट्रेनें प्रभावित होंगी।

धानक्या स्टेशन पर क्यों लिया गया ब्लॉक?

रेलवे के अनुसार, धानक्या स्टेशन यार्ड में स्थित समपार फाटक संख्या 235 पर अंडरपास (आरयूबी) का निर्माण कार्य किया जाना है।
यह निर्माण कार्य क्षेत्र में यातायात को सुगम बनाने और सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से अत्यंत आवश्यक माना जा रहा है।
इस बड़े कार्य को पूरा करने के लिए जयपुर-फुलेरा रेलखंड पर यातायात को अस्थायी रूप से रोकना अनिवार्य हो गया है।
रेलवे प्रशासन ने इस कार्य के लिए एक निश्चित समय सीमा तय की है ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
हालांकि, इस ब्लॉक के कारण 3 मई से लेकर 13 मई के बीच विभिन्न ट्रेनों के संचालन पर असर पड़ेगा।
अधिकारियों का कहना है कि बुनियादी ढांचे के इस सुधार से भविष्य में ट्रेनों की गति और सुरक्षा में सुधार होगा।

आंशिक रूप से रद्द रहने वाली ट्रेनों की सूची

इस ब्लॉक के कारण सबसे अधिक प्रभाव उदयपुर और जयपुर के बीच चलने वाली रेल सेवाओं पर पड़ने वाला है।
ट्रेन संख्या 12991, उदयपुर सिटी-जयपुर एक्सप्रेस, आगामी 5 मई को उदयपुर सिटी से रवाना होकर केवल अजमेर तक ही जाएगी।
इसका अर्थ यह है कि अजमेर से जयपुर के बीच यह ट्रेन पूरी तरह से रद्द रहेगी और यात्री आगे नहीं जा पाएंगे।
इसी तरह, ट्रेन संख्या 12992, जयपुर-उदयपुर सिटी एक्सप्रेस, 5 मई को जयपुर के स्थान पर अजमेर स्टेशन से रवाना होगी।
जयपुर से अजमेर के बीच का सफर करने वाले यात्रियों को इस दिन अन्य विकल्पों की तलाश करनी होगी।
रेलवे ने स्पष्ट किया है कि यह बदलाव केवल निर्माण कार्य के दौरान यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया है।
यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना इन बदलावों को ध्यान में रखकर ही बनाएं।

इन ट्रेनों के मार्ग में किया गया बड़ा बदलाव

ब्लॉक के कारण केवल ट्रेनें रद्द ही नहीं हुई हैं, बल्कि कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनों के मार्ग भी बदले गए हैं।
ट्रेन संख्या 14701, श्रीगंगानगर-बांद्रा टर्मिनस एक्सप्रेस के मार्ग में विशेष बदलाव देखने को मिलेगा।
यह ट्रेन 3 मई और 13 मई को अपने नियमित मार्ग रींगस-जयपुर-फुलेरा के बजाय बदले हुए मार्ग से चलेगी।
अब यह ट्रेन रींगस से सीधे फुलेरा की ओर संचालित की जाएगी, जिससे यह जयपुर स्टेशन पर नहीं आएगी।
जयपुर से इस ट्रेन में सवार होने वाले यात्रियों के लिए यह एक बड़ी खबर है, क्योंकि उन्हें वैकल्पिक स्टेशन जाना होगा।
रेलवे ने इस मार्ग परिवर्तन की सूचना सभी संबंधित स्टेशनों और ऑनलाइन पोर्टल्स पर अपडेट कर दी है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे प्रस्थान से पहले अपने बोर्डिंग स्टेशन की स्थिति की दोबारा जांच कर लें।

देरी से चलने वाली ट्रेनों का समय और विवरण

निर्माण कार्य के चलते कई लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से काफी देरी से संचालित की जाएंगी।
ट्रेन संख्या 12988, अजमेर-सियालदाह एक्सप्रेस, 5 मई को अपने मूल स्टेशन से 1 घंटा 40 मिनट की देरी से चलेगी।
इसी प्रकार, ट्रेन संख्या 14864, जोधपुर-वाराणसी सिटी एक्सप्रेस भी 5 मई को करीब 2 घंटे की देरी से रवाना होगी।
अजमेर-किशनगंज एक्सप्रेस (15716) के समय में भी बदलाव किया गया है, जो 5 मई को 2 घंटे लेट चलेगी।
इन देरी के कारण यात्रियों को स्टेशनों पर लंबा इंतजार करना पड़ सकता है, जिसके लिए रेलवे ने खेद जताया है।
देरी का मुख्य कारण ब्लॉक के दौरान ट्रैक की उपलब्धता न होना और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया है।
रेलवे के अनुसार, कार्य पूरा होते ही ट्रेनों का संचालन पुनः सुचारू रूप से शुरू कर दिया जाएगा।

यात्रियों को होने वाली असुविधा और रेलवे की सलाह

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की है।
धानक्या स्टेशन यार्ड में समपार फाटक संख्या 235 पर अंडरपास निर्माण कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है, जिससे रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी।
उन्होंने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट या हेल्पलाइन का उपयोग करें।
स्टेशनों पर पूछताछ खिड़की से भी ट्रेनों की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
अचानक हुए इन बदलावों से यात्रियों को होने वाली असुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने पूर्व सूचना जारी की है।
रेलवे का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और बेहतर बुनियादी ढांचा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।

रेलवे बुनियादी ढांचे में सुधार का महत्व

भारतीय रेलवे लगातार अपने नेटवर्क को आधुनिक बनाने और सुरक्षा मानकों को ऊंचा करने पर काम कर रहा है।
अंडरपास या आरयूबी का निर्माण रेलवे फाटकों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इसके अलावा, इससे सड़क यातायात भी निर्बाध रूप से चलता रहता है और ट्रेनों को भी रुकना नहीं पड़ता।
जयपुर मंडल में हो रहे ये कार्य इसी व्यापक आधुनिकीकरण योजना का एक हिस्सा हैं।
हालांकि तात्कालिक रूप से यह यात्रियों के लिए परेशानी का सबब बन सकता है, लेकिन इसके लाभ स्थायी हैं।
भविष्य में इस रेलखंड पर ट्रेनों की गति सीमा बढ़ाने में भी इन निर्माणों से काफी मदद मिलेगी।

जयपुर-फुलेरा रेलखंड की व्यस्तता और प्रभाव

जयपुर-फुलेरा रेलखंड राजस्थान के सबसे व्यस्त रेल मार्गों में से एक माना जाता है।
यह मार्ग दिल्ली, मुंबई और अहमदाबाद जैसे प्रमुख शहरों को जोड़ने वाली ट्रेनों के लिए महत्वपूर्ण कड़ी है।
प्रतिदिन हजारों यात्री इस मार्ग का उपयोग अपने कार्यस्थल और अन्य गंतव्यों तक पहुंचने के लिए करते हैं।
ऐसे में ब्लॉक लेने से न केवल लंबी दूरी की ट्रेनें, बल्कि स्थानीय यात्री सेवाएं भी प्रभावित होती हैं।
रेलवे ने कोशिश की है कि ब्लॉक का समय ऐसा रखा जाए जिससे कम से कम ट्रेनें प्रभावित हों।
इसके बावजूद, उदयपुर-जयपुर जैसी लोकप्रिय ट्रेन का रद्द होना यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

कैसे चेक करें अपनी ट्रेन का लाइव स्टेटस?

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने डिजिटल माध्यमों को और अधिक सुदृढ़ बनाया है।
यात्री 'नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम' (NTES) की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर जाकर अपनी ट्रेन देख सकते हैं।
इसके अलावा, 139 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी रियल-टाइम अपडेट प्राप्त किए जा सकते हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी उत्तर पश्चिम रेलवे लगातार अपडेट्स साझा कर रहा है।
स्टेशनों पर लगे डिस्प्ले बोर्ड और उद्घोषणा प्रणाली के माध्यम से भी जानकारी दी जा रही है।
किसी भी भ्रम की स्थिति में यात्री स्टेशन मास्टर या रेलवे स्टाफ से संपर्क कर सकते हैं।

आने वाले दिनों में अन्य संभावित ब्लॉक की जानकारी

रेलवे प्रशासन ने संकेत दिया है कि बुनियादी ढांचे के विकास के लिए आने वाले समय में और भी ब्लॉक लिए जा सकते हैं।
विभिन्न स्टेशनों पर पटरियों के दोहरीकरण और विद्युतीकरण का कार्य भी जोरों पर चल रहा है।
इन कार्यों के कारण समय-समय पर ट्रेनों के समय में आंशिक बदलाव या रद्दीकरण की संभावना बनी रहती है।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे लंबी अवधि की बुकिंग से पहले इन सूचनाओं पर नज़र रखें।
रेलवे विभाग इन बदलावों की सूचना कम से कम एक सप्ताह पहले समाचार पत्रों में प्रकाशित करता है।
इससे यात्रियों को अपनी वैकल्पिक व्यवस्था करने के लिए पर्याप्त समय मिल जाता है।

रेलवे प्रशासन की तैयारी और सुरक्षा उपाय

ब्लॉक के दौरान निर्माण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए रेलवे ने अतिरिक्त मैनपावर तैनात की है।
इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों की एक टीम मौके पर रहकर कार्य की गुणवत्ता की निगरानी कर रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं ताकि कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की अनहोनी न हो।
ब्लॉक खत्म होने के बाद ट्रैक की गहन जांच की जाएगी और उसके बाद ही ट्रेनों को हरी झंडी दी जाएगी।
रेलवे का लक्ष्य है कि निर्धारित समय के भीतर ही निर्माण कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया जाए।
इस प्रक्रिया में देरी न हो, इसके लिए आधुनिक मशीनों और क्रेन का उपयोग किया जा रहा है।

निष्कर्ष और यात्रियों पर प्रभाव

जयपुर-फुलेरा रेलखंड पर होने वाले इस कार्य से निश्चित रूप से यात्रियों को 5 मई को कुछ कठिनाइयां होंगी।
उदयपुर-जयपुर मार्ग के यात्रियों को बस या निजी वाहनों जैसे अन्य विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है।
हालांकि, लंबी अवधि में यह अंडरपास स्थानीय लोगों और रेलवे दोनों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगा।
रेलवे का यह कदम सुरक्षा और सुगमता की दिशा में एक सकारात्मक प्रयास है, जिसमें जनता का सहयोग अपेक्षित है।
यात्री कृपया अपनी यात्रा की योजना सावधानीपूर्वक बनाएं और रेलवे द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।

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