जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के ऐतिहासिक परकोटा क्षेत्र में आज मंगलवार को भीषण गर्मी के बीच नागरिकों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (JVVNL) द्वारा आवश्यक रखरखाव और मेंटेनेंस कार्य के कारण शहर के 10 से अधिक प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।
मेंटेनेंस के कारण 4 घंटे की कटौती
बिजली विभाग द्वारा जारी सूचना के अनुसार, यह कटौती आज सुबह 10:00 बजे से शुरू होकर दोपहर 2:00 बजे तक जारी रहने वाली है।
इस निर्धारित समय के दौरान तकनीकी टीमें लाइनों की मरम्मत, पुराने तारों को बदलने और अन्य जरूरी सुधार कार्य को संपन्न करेंगी।
अधिकारियों का कहना है कि आगामी भीषण गर्मी और बढ़ते लोड को देखते हुए यह मेंटेनेंस का कदम उठाना विभाग के लिए अनिवार्य हो गया था।
ताकि भविष्य में किसी भी बड़े तकनीकी फॉल्ट, शॉर्ट सर्किट या आगजनी जैसी गंभीर घटनाओं से पूरी तरह बचा जा सके और सप्लाई स्मूथ रहे।
इस दौरान सुरक्षा कारणों से संबंधित फीडरों की बिजली को पूरी तरह बंद रखा जाएगा ताकि कर्मचारी बिना किसी खतरे के काम कर सकें।
ये प्रमुख इलाके रहेंगे सबसे ज्यादा प्रभावित
परकोटा क्षेत्र के प्रमुख व्यापारिक केंद्र गणगौरी बाजार, बोरडी का रास्ता और बारह भाइयों का रास्ता में पूर्ण बिजली कटौती की जाएगी।
इसके अलावा दीनानाथ जी की गली, जच्चा खाना और कान महाजन का बड़ क्षेत्र के रिहायशी इलाकों में भी बिजली गुल रहने वाली है।
जयलाल मुंशी का रास्ता, जाट के कुआं का रास्ता और नगर निगम हेरिटेज कार्यालय परिसर में भी इस दौरान विद्युत आपूर्ति नहीं होगी।
विश्व प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हवामहल और उसके आसपास के सघन आबादी वाले क्षेत्रों में भी 4 घंटे तक बिजली का संकट बना रहेगा।
विभाग ने इन क्षेत्रों के निवासियों से अपील की है कि वे पानी भरने और अन्य आवश्यक विद्युत कार्य कटौती शुरू होने से पहले कर लें।
भीषण गर्मी और तकनीकी उपकरणों का रखरखाव
विद्युत निगम के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि अत्यधिक गर्मी के कारण इंसुलेटर और बिजली के मुख्य तारों पर तकनीकी भार काफी बढ़ गया है।
तापमान में लगातार हो रही वृद्धि की वजह से कई संवेदनशील उपकरण खराब हो रहे हैं, जिन्हें समय रहते बदलना सिस्टम के लिए जरूरी है।
इसके साथ ही ट्रांसफार्मरों की ऑयल चेकिंग, कूलिंग सिस्टम की जांच और फिल्टरिंग का काम भी इसी पावरकट की अवधि में पूरा किया जाएगा।
निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिस भी क्षेत्र में मेंटेनेंस का कार्य समय से पहले पूरा होगा, वहां आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।
भीषण गर्मी में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए पुराने उपकरणों को बदलना और मेंटेनेंस करना आवश्यक है ताकि भविष्य में फॉल्ट कम हों।
भविष्य की सुरक्षा योजना और सतर्कता
हाल के दिनों में जयपुर के विभिन्न इलाकों में ट्रांसफार्मरों में अचानक आग लगने की घटनाओं ने विभाग की चिंता को काफी बढ़ा दिया है।
इसे देखते हुए निगम ने बाहरी क्षेत्रों और उन कॉलोनियों को भी चिन्हित किया है जहां से बिजली फॉल्ट की शिकायतें सबसे अधिक आ रही हैं।
वहां भी आने वाले दिनों में चरणबद्ध तरीके से मेंटेनेंस कार्य चलाने के लिए एक विस्तृत ब्लूप्रिंट और शेड्यूल तैयार किया गया है।
बिजली विभाग की फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीम (FRT) को अब 24 घंटे फील्ड में पूरी तरह अलर्ट रहने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।
इसके अलावा, निगम के कॉल सेंटर्स को भी हाई अलर्ट मोड पर रखा गया है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
जयपुर विद्युत वितरण निगम का लक्ष्य है कि इस मेंटेनेंस के जरिए परकोटा क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं को सुरक्षित और बेहतर बिजली सेवा प्रदान की जाए।
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