राजस्थान

जयपुर में स्पीकर्स का महाकुंभ: जयपुर में जुटेंगे 6 राज्यों के स्पीकर, देवनानी करेंगे मेजबानी

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 05 मई 2026, 10:28 दोपहर
राजस्थान विधानसभा में विधानमंडलों की समिति प्रणाली की समीक्षा के लिए बड़ी बैठक आयोजित होगी।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में लोकतंत्र की जड़ों को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ी पहल होने जा रही है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. वासुदेव देवनानी की मेजबानी में यहां देश के विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों का समागम हो रहा है।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने देश के विधानमंडलों की समितियों को अधिक सक्षम बनाने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। इस समिति का मुख्य उद्देश्य वर्तमान संसदीय प्रणालियों की समीक्षा करना और उन्हें आधुनिक बनाना है।

विधानसभाओं की समिति प्रणाली में होगा बड़ा सुधार

इस महत्वपूर्ण समिति की अध्यक्षता मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर कर रहे हैं। समिति की पहली बैठक भोपाल में हुई थी, और अब दूसरी बैठक के लिए गुलाबी नगरी जयपुर को चुना गया है।

समिति में राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, ओडिशा, सिक्किम और पश्चिम बंगाल के विधानसभा अध्यक्षों को शामिल किया गया है। यह सभी दिग्गज संसदीय प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने पर गहन चर्चा करेंगे।

राजस्थान की मेजबानी और मेहमानों का स्वागत

मंगलवार को होने वाली इस बैठक के लिए कई राज्यों के स्पीकर जयपुर पहुंच चुके हैं। मध्य प्रदेश के स्पीकर नरेंद्र सिंह तोमर सोमवार सुबह रेल मार्ग से जयपुर पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया।

उत्तर प्रदेश के सतीश महाना, हिमाचल के कुलदीप सिंह पठानिया, ओडिशा की श्रीमती सूरमा पाढ़ी और सिक्किम के मिंगमा नोर्बू शेरपा भी जयपुर पहुंच गए हैं। राजस्थान विधानसभा के प्रमुख सचिव ने सभी का अभिनंदन किया।

इससे पहले डॉ. वासुदेव देवनानी और नरेंद्र सिंह तोमर की कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में औपचारिक मुलाकात हुई। दोनों नेताओं ने बैठक के एजेंडे और चर्चा के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से बातचीत की है।

डिजिटल विधानसभा और भव्य संग्रहालय का अवलोकन

राजस्थान विधानसभा को देश की सबसे आधुनिक और सर्वश्रेष्ठ विधानसभाओं में गिना जाता है। डॉ. देवनानी ने बताया कि यहां का सदन पूरी तरह पेपरलेस हो चुका है और डिजिटलाइजेशन पर विशेष जोर दिया गया है।

आगंतुक स्पीकर्स को विधानसभा की डिजिटल प्रणाली का प्रदर्शन दिखाया जाएगा। सदन में प्रत्येक सदस्य की मेज पर टैब लगाए गए हैं, जिससे वे कार्यवाही और प्रश्नों को ऑनलाइन देख सकते हैं।

इसके अलावा, मेहमानों को 'राजनैतिक आख्यान संग्रहालय' का भ्रमण भी कराया जाएगा। इस म्यूजियम में राजस्थान के गौरवशाली इतिहास और लोकतांत्रिक यात्रा को डिजिटल रूप में बहुत ही खूबसूरती से संजोया गया है।

म्यूजियम में बनी संविधान दीर्घा और वंदे मातरम दीर्घा विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। यह दीर्घाएं भारत के संवैधानिक मूल्यों और स्वतंत्रता संग्राम की यादों को जीवंत करती हैं।

"राजस्थान विधानसभा की कार्यप्रणाली और यहां का डिजिटल स्वरूप पूरे देश के लिए एक उदाहरण है। हम अन्य राज्यों के साथ अपने अनुभव साझा करने के लिए उत्साहित हैं।" - डॉ. वासुदेव देवनानी

सांस्कृतिक संध्या और खाटूश्याम जी के दर्शन

बैठक के समापन के बाद कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में एक विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम और सम्मान भोज का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा भी शिरकत करेंगे।

देशभर से आए स्पीकर्स राजस्थान के विश्व प्रसिद्ध स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद लेंगे। इसके साथ ही, लोक गीत और संगीत पर आधारित प्रस्तुतियां उन्हें राजस्थान की संस्कृति से रूबरू कराएंगी।

धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव के लिए सभी स्पीकर्स का खाटूश्याम मंदिर जाने का भी कार्यक्रम है। वहां वे बाबा श्याम के दर्शन करेंगे और देश की खुशहाली के लिए विशेष पूजा-अर्चना करेंगे।

नरेंद्र सिंह तोमर ने सोमवार को ही सालासर बालाजी और खाटूश्याम जी के दर्शन कर लिए हैं। राजस्थान की यह पावन धरती अपने मेहमानों का स्वागत करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

इस बैठक से न केवल विधानसभाओं की समिति प्रणाली में सुधार होगा, बल्कि राज्यों के बीच आपसी सहयोग और बेहतर विधायी प्रथाओं का आदान-प्रदान भी बढ़ेगा। यह आयोजन राजस्थान की मेहमाननवाजी की मिसाल बनेगा।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)