राजस्थान

जयपुर: रिटायर्ड कर्नल से बड़ी लूट: जयपुर में रिटायर्ड कर्नल को बंधक बनाकर 2.2 लाख की लूट

गणपत सिंह मांडोली · 28 अप्रैल 2026, 03:23 दोपहर
जयपुर के बगरू में बदमाश ने रिटायर्ड कर्नल को बेहोश कर लूटे 2.20 लाख रुपए।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के बगरू इलाके में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां एक रिटायर्ड कर्नल को उनके ही घर में बंधक बनाकर लूट लिया गया। बदमाश ने न केवल बुजुर्ग को हथियार दिखाकर डराया, बल्कि उन्हें नशीला पदार्थ सुंघाकर बेहोश कर दिया और फिर लाखों की नकदी लेकर फरार हो गया।

वारदात की पूरी कहानी और दोपहर का खौफ

यह घटना रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे की है, जब ओमेक्स सिटी निवासी 71 वर्षीय रिटायर्ड कर्नल अपने घर में अकेले टीवी देख रहे थे। तभी एक नकाबपोश युवक, जिसने हेलमेट पहन रखा था, घर का दरवाजा खोलकर सीधे अंदर दाखिल हो गया और कर्नल को धमकाना शुरू कर दिया। बदमाश के एक हाथ में धारदार चाकू था और उसकी पेंट की जेब में एक पिस्टल रखी हुई थी, जिसे दिखाकर उसने बुजुर्ग को चुप रहने की चेतावनी दी। जैसे ही बदमाश ने रुपयों की मांग की, कर्नल ने विरोध जताया, जिसके बाद बदमाश ने उनका मोबाइल छीनकर जमीन पर पटक कर तोड़ दिया।

नशीला पदार्थ सुंघाकर किया गया बेहोश

पीड़ित कर्नल ने पुलिस को बताया कि बदमाश ने अपनी जेब से कोई रासायनिक पदार्थ निकाला और उन्हें जबरन सुंघा दिया, जिससे वे बेसुध हो गए। जब वे पूरी तरह बेहोश हो गए, तो बदमाश ने उनके हाथ, पैर और मुंह को रस्सी से मजबूती से बांध दिया ताकि वे शोर न मचा सकें। बेहोशी की हालत में ही बदमाश ने घर की तलाशी ली और ऊपर की रैक में रखे करीब 2.20 लाख रुपए नकद अपने बैग में भर लिए। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी आसानी से घर से बाहर निकल गया और मौके से फरार हो गया, जबकि बुजुर्ग बेड पर बंधे पड़े रहे।

ढाई घंटे बाद होश और खुद को मुक्त करने की जंग

शाम करीब 4 बजे जब रिटायर्ड कर्नल को होश आया, तो उन्होंने खुद को असहाय स्थिति में पाया और घर का सारा सामान इधर-उधर बिखरा हुआ था। उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे और मुंह पर पट्टी बंधी थी, जिसके कारण वे चिल्लाकर पड़ोसियों को मदद के लिए भी नहीं बुला पा रहे थे। उन्होंने हार नहीं मानी और करीब 45 मिनट तक लगातार संघर्ष किया ताकि वे अपने बंधनों को ढीला कर सकें और खुद को आजाद कर सकें। कड़ी मशक्कत के बाद जब उनके हाथ खुले, तो उन्होंने तुरंत अपने पैरों और मुंह की पट्टियां हटाईं और रैक की ओर भागे, जहां पैसे रखे थे।

डीसीपी (वेस्ट) प्रशांत किरण ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है।

पुलिस की जांच और सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल

घटना की जानकारी मिलते ही बगरू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एफएसएल की टीम को भी साक्ष्य जुटाने के लिए बुलाया गया। पुलिस अब ओमेक्स सिटी के गेट पर लगे कैमरों और आसपास की सड़कों के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाश के भागने के रास्ते का पता चल सके। इस घटना ने पॉश कॉलोनियों और गेटेड कम्युनिटीज की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जहां बदमाश बेखौफ घूम रहे हैं। स्थानीय निवासियों में इस घटना के बाद से काफी डर का माहौल है, विशेषकर उन बुजुर्गों में जो घरों में अकेले रहते हैं।

बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियात

जयपुर पुलिस ने पहले भी कई बार बुजुर्गों को घर के दरवाजे बंद रखने और किसी भी अनजान व्यक्ति को अंदर न आने देने की सलाह दी है। इस तरह की वारदातों में अक्सर देखा गया है कि बदमाश पहले रेकी करते हैं और फिर ऐसे समय का चुनाव करते हैं जब घर में कोई न हो। रिटायर्ड कर्नल के साथ हुई यह लूट दर्शाती है कि अपराधी अब नशीले पदार्थों का उपयोग कर पीड़ित को शारीरिक नुकसान पहुंचाए बिना वारदात कर रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि घर में पैनिक बटन और सीसीटीवी कैमरे लगवाना ऐसे समय में जीवन रक्षक साबित हो सकता है।

अपराधियों के बढ़ते हौसले और पुलिस की चुनौती

जयपुर में पिछले कुछ महीनों में चेन स्नैचिंग और घर में घुसकर लूट की घटनाओं में काफी बढ़ोतरी देखी गई है, जो पुलिस प्रशासन के लिए चुनौती है। बदमाश अब केवल अंधेरे का इंतजार नहीं करते, बल्कि दिनदहाड़े भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी वारदातों को अंजाम देने से नहीं हिचकिचाते। बगरू पुलिस का कहना है कि वे इस मामले में संदिग्धों से पूछताछ कर रहे हैं और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लूट की इस बड़ी रकम की बरामदगी और आरोपी की गिरफ्तारी पुलिस के लिए इस समय सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी हुई है।

समाज और पड़ोसियों की भूमिका पर चर्चा

ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए केवल पुलिस पर निर्भर रहना काफी नहीं है, बल्कि पड़ोसियों को भी एक-दूसरे का ख्याल रखना चाहिए। अगर किसी घर में कोई संदिग्ध व्यक्ति प्रवेश करता दिखे, तो तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम या संबंधित थाना अधिकारी को सूचना देनी चाहिए। रिटायर्ड कर्नल ने जिस बहादुरी से खुद को मुक्त किया, वह सराहनीय है, लेकिन ऐसी स्थिति किसी के साथ भी जानलेवा हो सकती थी। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या बदमाश को पहले से पता था कि घर में इतनी बड़ी नकदी रखी हुई है।

वारदात का कानूनी पहलू और आगे की कार्रवाई

भारतीय न्याय संहिता के तहत घर में घुसकर बंधक बनाने और लूटपाट करने की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। दोषी पाए जाने पर इस तरह के अपराधों में कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है, जो अपराधियों के लिए एक सबक होना चाहिए। पुलिस की कई टीमें अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और पुराने अपराधियों के रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। उम्मीद है कि तकनीकी साक्ष्यों की मदद से पुलिस इस गुत्थी को जल्द सुलझा लेगी और पीड़ित को न्याय मिलेगा।

निष्कर्ष और अंतिम विचार

जयपुर में हुई यह वारदात सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक की ओर इशारा करती है, जिसे समय रहते सुधारना अनिवार्य है। नागरिकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है ताकि वे ऐसे शातिर अपराधियों का शिकार न बनें और अपनी सुरक्षा स्वयं सुनिश्चित करें। रिटायर्ड कर्नल की आपबीती सुनकर हर कोई हैरान है, और अब सबकी नजरें पुलिस की अगली कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सावधानी और सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है, चाहे हम कितने भी सुरक्षित माहौल में क्यों न हों।

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