thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

SMS अस्पताल में अब शाम को भी इलाज: जयपुर SMS अस्पताल में शुरू होगी इवनिंग OPD

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

सवाई मानसिंह अस्पताल में मरीजों की भीड़ कम करने के लिए अब शाम 5 से 7 बजे तक भी ओपीडी चलेगी।

HIGHLIGHTS

  • सवाई मानसिंह अस्पताल में भीड़ कम करने के लिए इवनिंग ओपीडी की शुरुआत की जा रही है।
  • पहले चरण में मेडिसिन विभाग में शाम 5 से 7 बजे तक मरीज देखे जाएंगे।
  • दवा वितरण काउंटरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और जांच के लिए अधिक स्टाफ लगाया जाएगा।
  • भीषण गर्मी को देखते हुए अस्पताल में कूलिंग और ठंडे पानी के विशेष इंतजाम होंगे।
jaipur sms hospital evening opd medicine department

जयपुर | राजस्थान के सबसे बड़े सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल में अब मरीजों को लंबी कतारों से राहत मिलने वाली है। अस्पताल प्रशासन ने भारी भीड़ को देखते हुए इवनिंग ओपीडी शुरू करने का बड़ा फैसला लिया है।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद यह महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। इससे मरीजों को इलाज के लिए घंटों इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

मेडिसिन विभाग से होगी शुरुआत

इवनिंग ओपीडी की शुरुआत सबसे पहले मेडिसिन विभाग से की जाएगी। इस विभाग में सबसे ज्यादा मरीज आते हैं, इसलिए पहले चरण में इसे ही चुना गया है ताकि अधिक लोगों को लाभ मिले।

शाम के समय ओपीडी का समय 5 बजे से 7 बजे तक तय किया गया है। इसमें वरिष्ठ चिकित्सकों के साथ-साथ पर्याप्त नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाएगी।

अगर यह प्रयोग सफलतापूर्वक लागू होता है, तो अस्पताल के अन्य महत्वपूर्ण विभागों में भी शाम की शिफ्ट में ओपीडी सेवाएं शुरू की जा सकती हैं। इससे अस्पताल का बोझ कम होगा।

बढ़ेंगे दवा काउंटर और जांच सुविधाएं

प्रमुख शासन सचिव ने निर्देश दिया है कि दवा वितरण केंद्रों पर मरीजों की भीड़ कम करने के लिए तत्काल 4 से 5 नए काउंटर खोले जाएं। इससे कतारें छोटी होंगी।

उन्होंने साफ किया कि आवश्यक दवाओं की सूची में शामिल सभी दवाएं अस्पताल में उपलब्ध होनी चाहिए। जो दवाएं स्टॉक में नहीं हैं, उन्हें नियमानुसार तुरंत खरीद कर मरीजों को उपलब्ध करवाया जाए।

इसके अलावा, ब्लड सैंपल कलेक्शन सेंटर पर भी मानव संसाधन बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इससे मरीजों को अपनी जांच के लिए ज्यादा देर तक लाइन में खड़ा नहीं होना पड़ेगा।

मरीजों की सुविधा ही सर्वोपरि

श्रीमती गायत्री राठौड़ ने निरीक्षण के दौरान मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने अस्पताल में मिल रही सुविधाओं और हो रही परेशानियों के बारे में विस्तृत फीडबैक लिया।

"सवाई मानसिंह अस्पताल देश के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है। यहां रोगी भार अधिक होना स्वाभाविक है, लेकिन मरीजों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।"

उन्होंने अधिकारियों से कहा कि कतारों को कम करने के लिए तात्कालिक इंतजामों के साथ-साथ दीर्घकालिक योजनाओं पर भी काम किया जाना चाहिए ताकि भविष्य में व्यवस्थाएं और सुदृढ़ हो सकें।

गर्मी और हीटवेव के लिए विशेष इंतजाम

राजस्थान में बढ़ती गर्मी और हीटवेव को देखते हुए अस्पताल प्रशासन को विशेष रूप से अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। वार्डों में कूलिंग के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।

मरीजों और उनके साथ आने वाले परिजनों के लिए शुद्ध पेयजल और छायादार स्थानों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए आरएमआरएस फंड का उचित उपयोग करने की अनुमति दी गई है।

अस्पताल में सफाई व्यवस्था को और बेहतर बनाने और सुव्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। ओपीडी और वार्डों के पास बैठने की उचित व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जाएगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में होगा बड़ा सुधार

इवनिंग ओपीडी शुरू होने से उन कामकाजी लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी जो दिन के समय अस्पताल नहीं आ पाते। इससे अस्पताल की पूरी कार्यप्रणाली अधिक व्यवस्थित और सुलभ होगी।

अस्पताल प्रशासन अब इन निर्देशों को धरातल पर उतारने की तैयारी में जुट गया है। जल्द ही मेडिसिन विभाग के बाहर शाम की ओपीडी का समय और डॉक्टरों की सूची उपलब्ध होगी।

एसएमएस अस्पताल में होने वाले इन बदलावों से न केवल जयपुर बल्कि पूरे प्रदेश से आने वाले हजारों मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी। यह एक सराहनीय कदम है।

सरकार का मुख्य लक्ष्य है कि हर गरीब और जरूरतमंद को बिना किसी बाधा के समय पर इलाज मिले। अस्पताल प्रबंधन अब दवा वितरण और जांच व्यवस्था को और तेज करने पर काम करेगा।

सवाई मानसिंह अस्पताल में इवनिंग ओपीडी और बढ़ते दवा काउंटर निश्चित रूप से मरीजों की राह आसान करेंगे। प्रशासन की यह सक्रियता स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: