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राजस्थान

पत्नी ने दिया पति को जीवनदान: जयपुर: पत्नी बनी ‘जीवनदाता’, एसएमएस अस्पताल में 20 घंटे की जटिल सर्जरी के बाद पति को मिला नया जीवन

मानवेन्द्र जैतावत

जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल में एक महिला ने अपने बीमार पति को लिवर का हिस्सा दान कर नई जिंदगी दी है। 20 घंटे तक चली इस जटिल और सफल सर्जरी के बाद अब दोनों पूरी तरह खतरे से बाहर हैं और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।

HIGHLIGHTS

  • जयपुर के SMS अस्पताल में 20 घंटे की मैराथन सर्जरी के बाद सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया गया।
  • पत्नी ने स्वेच्छा से आगे आकर अपने लिवर का करीब 60 प्रतिशत हिस्सा पति को डोनेट किया।
  • मरीज गंभीर लिवर बीमारी, पीलिया और पेट में पानी भरने जैसी समस्याओं से ग्रसित था।
  • सर्जरी के बाद पति और पत्नी दोनों की स्थिति स्थिर है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
jaipur sms hospital wife donates liver to husband successful transplant

जयपुर | जयपुर के सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल से मानवता और अटूट प्रेम की एक प्रेरणादायक कहानी सामने आई है। यहाँ एक पत्नी ने अपने पति की जान बचाने के लिए अपने लिवर का हिस्सा दान कर उसे नया जीवन दिया है।

पत्नी का साहसिक निर्णय

मरीज लंबे समय से लिवर की गंभीर बीमारी से जूझ रहा था। उसे पीलिया, पेट में पानी भरना और खून का पतला होना जैसी गंभीर समस्याएं थीं। डॉक्टरों ने उसे तत्काल लिवर ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी। जब परिवार के सामने डोनर की समस्या आई, तो पत्नी ने बिना किसी संकोच के अपना लिवर दान करने का फैसला लिया। सभी जरूरी मेडिकल जांचों के बाद डॉक्टरों ने उसे सर्जरी के लिए पूरी तरह फिट पाया।

20 घंटे चली जटिल सर्जरी

एसएमएस अस्पताल के हेपाटो-पैनक्रिएटो-बिलियरी विभाग के चिकित्सकों ने इस जटिल सर्जरी को अंजाम दिया। यह ऑपरेशन सुबह करीब 6:30 बजे शुरू हुआ और लगातार 20 घंटे तक चलता रहा। सर्जरी रात को करीब 2:30 बजे सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस दौरान डॉक्टरों ने पत्नी के लिवर का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा निकाला और उसे मरीज के शरीर में सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित किया।

तीन चरणों में हुई प्रक्रिया

विभागाध्यक्ष डॉ. दिनेश भारती ने बताया कि यह ट्रांसप्लांट तीन मुख्य चरणों में पूरा किया गया। पहले चरण में डोनर के शरीर से लिवर का स्वस्थ हिस्सा सावधानीपूर्वक निकाला गया। दूसरे चरण में मरीज के शरीर से पूरी तरह खराब हो चुके लिवर को हटाया गया। अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में डोनर से प्राप्त लिवर को मरीज के शरीर में जोड़कर ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया पूरी की गई।

डॉक्टरों की टीम ने रचा इतिहास

इस ऐतिहासिक उपलब्धि में डॉ. दिनेश भारती, डॉ. आशुतोष पंचोली, डॉ. रघुराम और डॉ. पूनम सहित विशेषज्ञों की एक बड़ी टीम शामिल रही। एनेस्थीसिया और रेडियोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, मरीज की स्थिति में अब तेजी से सुधार हो रहा है। चार महीने पहले भी इसी अस्पताल में एक सफल लिवर ट्रांसप्लांट किया गया था, जो चिकित्सा क्षेत्र में अस्पताल की बढ़ती दक्षता को दर्शाता है।

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