जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में आगामी 9 मई को लोक अभियोजकों के लिए एक महत्वपूर्ण राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजित होगी। बी.एम. बिड़ला ऑडिटोरियम में होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा विधि मंत्री जोगाराम पटेल ने की।
कार्यशाला के मुख्य उद्देश्य और तैयारियां
बैठक में विधि मंत्री ने अधिकारियों को आयोजन के लिए जरूरी निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि न्याय प्रणाली में लोक अभियोजकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। सरकार उन्हें आधुनिक कानूनों के प्रति जागरूक करना चाहती है।
इस कार्यशाला का लक्ष्य नवीन आपराधिक कानूनों और बढ़ते साइबर अपराधों के बारे में अभियोजकों की समझ बढ़ाना है। विशेष रूप से दिव्यांगजनों से संबंधित कानूनों पर भी इस दौरान गहन चर्चा की जाएगी।
मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियोजन तंत्र को अधिक प्रभावी, सशक्त और पारदर्शी बनाया जाए। इससे न केवल न्याय प्रक्रिया में तेजी आएगी, बल्कि आमजन को परिणामकारी न्याय सुलभ हो सकेगा।
दिग्गज हस्तियों का मिलेगा मार्गदर्शन
इस गरिमामय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा शामिल होंगे।
समय के साथ कानूनों में आ रहे बदलावों के अनुरूप अभियोजकों को प्रशिक्षित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
बैठक में राजस्थान के महाधिवक्ता राजेंद्र प्रसाद और प्रमुख शासन सचिव राजेंद्र काछवाल भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने अब तक की गई सभी तैयारियों का पूरा ब्यौरा मंत्री के सामने प्रस्तुत किया।
इस प्रशिक्षण से लोक अभियोजक भविष्य की कानूनी चुनौतियों और तकनीकी अपराधों से निपटने में सक्षम होंगे। राज्य सरकार का यह कदम प्रदेश की कानूनी व्यवस्था को आधुनिक और सुदृढ़ बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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