जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में शनिवार शाम को आए भीषण अंधड़ और मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया। इस प्राकृतिक आपदा का सबसे ज्यादा असर शहर के बिजली तंत्र पर पड़ा है।
जयपुर में तूफान: बिजली बहाल: जयपुर में तूफान का कहर: 1500 से ज्यादा पोल गिरे, डिस्कॉम ने रात भर में सुधारी बिजली
जयपुर में तेज अंधड़ से बिजली तंत्र ध्वस्त, आरती डोगरा ने रात भर कॉल सेंटर से की मॉनिटरिंग।
HIGHLIGHTS
- जयपुर में शनिवार शाम आए भीषण अंधड़ से बिजली के 1552 खंभे और 333 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गए।
- डिस्कॉम चेयरमैन आरती डोगरा ने रात 1 बजे तक कॉल सेंटर में रुककर राहत कार्यों की खुद मॉनिटरिंग की।
- जयपुर जोन के प्रभावित 435 फीडरों में से 408 में रिकॉर्ड समय के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई।
- कॉल सेंटर पर दर्ज 2245 शिकायतों में से 2171 का त्वरित समाधान कर उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी गई।
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तूफान से मची तबाही और राहत कार्य
तेज हवाओं के कारण जयपुर विद्युत वितरण निगम के बुनियादी ढांचे को भारी क्षति पहुंची है। शहर के कई इलाकों में पेड़ की विशाल डालियां और भारी-भरकम होर्डिंग्स टूटकर बिजली के तारों और कंडक्टरों पर जा गिरे। इससे कई क्षेत्रों में घंटों तक बिजली गुल रही। बिजली आपूर्ति बाधित होते ही निगम के अभियंता और फॉल्ट रेक्टिफिकेशन टीमें तुरंत सक्रिय हो गईं। उन्होंने बिना समय गंवाए मरम्मत का काम शुरू किया ताकि शहरवासियों को जल्द से जल्द राहत मिल सके।
अधिकारियों ने संभाली कमान
संकट की इस घड़ी में जयपुर डिस्कॉम के शीर्ष अधिकारी खुद मैदान में उतरे। निदेशक (तकनीकी) आरके शर्मा तुरंत राममंदिर स्थित केन्द्रीकृत कॉल सेंटर पहुंचे और उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण की कमान संभाली। डिस्कॉम्स चेयरमैन सुश्री आरती डोगरा भी रात करीब 11.30 बजे कॉल सेंटर पहुंच गईं। उन्होंने देर रात करीब 1 बजे तक वहां रुककर फील्ड में तैनात सभी अभियंताओं और टीमों द्वारा किए जा रहे प्रयासों का जायजा लिया।
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"उपभोक्ताओं की समस्याओं का तत्काल निराकरण करना और सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी सबसे बड़ी प्राथमिकता है। हमारी टीमें रात भर मुस्तैदी से काम कर रही हैं।"
जयपुर के चारों सर्किलों में अधिशासी अभियंता और सहायक अभियंता रात भर बिजली आपूर्ति सुचारू करने के प्रयासों में जुटे रहे। तूफान से प्रभावित जयपुर जिला सर्किल के चौमू, जोबनेर, दूदू, हाथोज और जमवारामगढ़ में भी स्थिति चुनौतीपूर्ण रही।
नुकसान का आंकड़ा और बहाली की स्थिति
तूफान ने जयपुर जिला उत्तर और दक्षिण सर्किल में 333 वितरण ट्रांसफार्मरों और 1552 विद्युत खंभों को नुकसान पहुंचाया। राहत की बात यह है कि इनमें से 1295 पोल और 239 ट्रांसफार्मर रविवार दोपहर तक दुरुस्त कर लिए गए। आंकड़ों के अनुसार, 11 केवी के 423 फीडरों और 33 केवी के 12 फीडरों में व्यवधान आया था। रविवार शाम तक लगभग सभी फीडरों में बिजली सुचारू कर दी गई। जयपुर जोन के दौसा, टोंक और कोटपूतली में भी तूफान का व्यापक असर रहा।
शिकायतों का त्वरित समाधान
केन्द्रीकृत कॉल सेंटर पर शनिवार को कुल 2245 शिकायतें दर्ज की गईं। निगम की टीमों ने इनमें से 2171 शिकायतों का समाधान रविवार दोपहर तक ही कर दिया था। शेष शिकायतों को भी जल्द हल करने के निर्देश दिए गए हैं। जयपुर, भरतपुर और कोटा जोन के कुल 2784 गांव और कस्बे इस तूफान से प्रभावित हुए थे। इनमें से 2506 स्थानों पर बिजली आपूर्ति पूरी तरह बहाल की जा चुकी है। शेष क्षेत्रों में टीमें अब भी युद्ध स्तर पर जुटी हुई हैं। यह आपदा प्रबंधन का एक शानदार उदाहरण है जहां प्रशासन और तकनीकी टीमों ने बेहतर समन्वय के साथ काम किया। खराब मौसम और भारी नुकसान के बावजूद इतनी तेजी से बिजली बहाल करना वाकई सराहनीय कदम है।
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