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जयपुर में छात्रा की मौत, CBI जांच की मांग: जयपुर: छात्रा की मौत पर बवाल, CBI जांच की मांग

Pradeep Beedawat · 11 जुलाई 2026, 11:23 रात
जयपुर में एक युवती की मौत के बाद परिजनों ने भाजपा मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन कर CBI जांच की मांग की है। उन्होंने इसे सामान्य मौत नहीं, बल्कि हत्या का मामला बताया है।

जयपुर | जयपुर में एक अपार्टमेंट के पोर्च में एक युवती का शव मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। युवती के परिजन शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश मुख्यालय के बाहर धरने पर बैठ गए और अपनी बेटी के लिए न्याय की गुहार लगाई।

 

CBI जांच की मांग को लेकर परिवार का धरना

प्रदर्शन कर रहे परिजनों ने दावा किया कि उनकी बेटी की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि यह एक सोची-समझी हत्या है। उन्होंने इस मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की मांग की है।

परिवार ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और जो भी दोषी पाए जाएं, उनके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाए।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने दिया आश्वासन

धरने की सूचना मिलने पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शनकारी परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिवार को सांत्वना दी और मामले की पूरी जानकारी ली।

राठौड़ ने परिवार से 10 दिनों का समय मांगते हुए यह भरोसा दिलाया कि वह यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास करेंगे कि मामले की निष्पक्ष जांच हो।

मदन राठौड़ का मीडिया पर बयान

मीडिया से बातचीत के दौरान मदन राठौड़ ने कहा, "कई लोग ऐसे मामलों में प्रचार-प्रसार (पब्लिसिटी) पर भी ध्यान देते हैं और मीडिया को भी ऐसे मामलों में जिम्मेदारी से काम करना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "मुझे लगता है कि यह केवल न्याय पाने की कोशिश नहीं, बल्कि मीडिया में प्रचारित होने की भी कोशिश है। जिसकी बेटी गई है, वह मीडिया में प्रचारित क्यों होना चाहता है, यह समझ में नहीं आता। मुझे लगता है कि इन्हें किसी ने प्रेरित करके यहां भेजा है और मैं इसकी निंदा करता हूं।"

क्या है पूरा मामला?

यह घटना 6 जून की है, जब जयपुर के एक अपार्टमेंट के पोर्च में युवती का शव मिला था। जानकारी के अनुसार, युवती अपने घर से साइकिलिंग करने के लिए निकली थी।

जब वह काफी देर तक घर वापस नहीं लौटी, तो चिंतित परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, जिसके बाद उसका शव अपार्टमेंट के पोर्च से बरामद हुआ।

परिवार ने लगाए गंभीर आरोप

मृतका के परिवार ने इस मामले में कई गंभीर आरोप लगाए हैं और अपनी मांगों को लेकर वे अडिग हैं।

1. लिखित आश्वासन तक आंदोलन जारी

परिजनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक सरकार की ओर से CBI जांच को लेकर लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि वे केवल मौखिक भरोसे से संतुष्ट नहीं हैं।

परिवार ने भाजपा पदाधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा है, जिसमें मामले की गंभीरता से और किसी स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की गई है।

2. प्रभावशाली लोगों पर दबाव का आरोप

मृतका के माता-पिता ने आरोप लगाया है कि इस मामले में कुछ प्रभावशाली लोग शामिल हैं, जिनके कारण राजनीतिक और प्रशासनिक दबाव बनाकर इसे दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने यह भी कहा, "हम पर लगातार दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है, मीडिया के सामने अपनी बात रखने से रोका जा रहा है और धरना समाप्त नहीं करने पर जबरन हटाने की धमकियां दी जा रही हैं।"

सरकार और संगठन निष्पक्ष जांच के पक्ष में: राठौड़

मदन राठौड़ ने परिजनों से बातचीत के बाद तुरंत पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव शर्मा से फोन पर बात की। उन्होंने मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारी आदित्य पूनिया की भी DGP से बात कराकर परिवार को समझाने का प्रयास किया।

राठौड़ ने दोहराया कि सरकार और भाजपा संगठन पूरी तरह से निष्पक्ष जांच के पक्षधर हैं और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

'लिखित गारंटी नहीं दे सकता'

जब परिवार ने CBI जांच की लिखित गारंटी की मांग की, तो मदन राठौड़ ने स्पष्ट किया कि वे स्वयं CBI जांच का आदेश नहीं दे सकते।

उन्होंने कहा, "मैं उनकी मांग मुख्यमंत्री को लिखकर भेज दूंगा कि परिवार सीबीआई जांच चाहता है। लेकिन मैं उन्हें यह लिखकर नहीं दे सकता कि जांच सीबीआई से ही होगी।" इस दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अशोक नगर थाना पुलिस मौके पर तैनात रही।

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