राजस्थान

विधायक को पिलाया गंदा पानी!: जयपुर में फूटा महिलाओं का गुस्सा: विधायक को थमाया गंदे पानी का गिलास, बोलीं- 'हम पी रहे हैं, आप भी पीजिये, हमारी कोई सुनवाई नहीं'

thinQ360 · 02 अप्रैल 2026, 09:29 सुबह
जयपुर के सुशीलपुरा में गंदे पानी की समस्या से परेशान महिलाओं ने विधायक गोपाल शर्मा को गंदे पानी का गिलास थमा दिया। इलाके में सड़क निर्माण के कारण पाइपलाइन टूटने से लोग दूषित पानी पीने को मजबूर हैं और बच्चे बीमार पड़ रहे हैं।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के सुशीलपुरा इलाके में इन दिनों पानी की समस्या को लेकर हाहाकार मचा हुआ है। यहाँ के लोग पिछले एक महीने से नलों में आ रहे दूषित और बदबूदार पानी से बेहद परेशान हैं। मंगलवार को जब क्षेत्रीय विधायक गोपाल शर्मा स्थानीय लोगों की शिकायत सुनने और हालात का जायजा लेने पहुंचे, तो उन्हें जनता के भारी गुस्से का सामना करना पड़ा। महिलाओं ने उन्हें घेर लिया और अपनी पीड़ा बताई।

विधायक को थमाया गंदे पानी का गिलास

सुशीलपुरा की महिलाओं का गुस्सा उस समय सातवें आसमान पर पहुंच गया जब उन्होंने विधायक को अपनी गली के हालात दिखाए। इस दौरान एक युवक ने विधायक गोपाल शर्मा को गंदे पानी से भरा एक गिलास थमा दिया। महिलाओं ने तंज कसते हुए विधायक से कहा, "हम एक महीने से यही गंदा पानी पी रहे हैं, अब आप भी इसे पीकर देखिए। हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।" विधायक ने गिलास हाथ में लिया और पानी को सूंघा, लेकिन उसे पिया नहीं। विधायक गोपाल शर्मा ने मौके पर मौजूद लोगों को आश्वासन दिया कि जल्द ही व्यवस्थाएं दुरुस्त कर दी जाएंगी। हालांकि, स्थानीय लोग प्रशासन की सुस्ती से काफी नाराज दिखे और उन्होंने जल्द समाधान की मांग की।

सड़क निर्माण बना जी का जंजाल

बुधवार को पूर्व मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास भी सुशीलपुरा पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने इस स्थिति के लिए सरकार और स्थानीय प्रशासन की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया। खाचरियावास ने बताया कि इलाके में पहले से ही अच्छी सीमेंट की सड़क बनी हुई थी। लेकिन प्रशासन ने रात के अंधेरे में भारी विरोध के बावजूद सड़क को तोड़ दिया, जिससे पेयजल और सीवरेज की लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं।

बीमार हो रहे हैं मासूम बच्चे

पाइपलाइन टूटने की वजह से सीवरेज का गंदा पानी पेयजल की लाइनों में मिल रहा है। लोगों का आरोप है कि इस दूषित पानी को पीने की वजह से इलाके के कई बच्चे बीमार पड़ गए हैं। बीमार बच्चों का इलाज नजदीकी डिस्पेंसरी और अस्पतालों में चल रहा है। खाचरियावास ने इस स्थिति को सरकार की तानाशाही और जनता के पैसे की बर्बादी करार दिया है। उनका कहना है कि जहां जरूरत नहीं थी, वहां जबरन तोड़फोड़ की गई।

आंदोलन और घेराव की चेतावनी

पूर्व मंत्री ने जलदाय विभाग और नगर निगम के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने मांग की है कि जब तक लाइनें ठीक नहीं होतीं, तब तक घर-घर टैंकरों के जरिए स्वच्छ पानी पहुंचाया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जलापूर्ति बहाल नहीं हुई और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो वे जनता के साथ मिलकर जल भवन का घेराव करेंगे। इलाके के लोग अब स्थायी समाधान की आस लगाए बैठे हैं।

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