जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर के जगतपुरा इलाके से एक बेहद चौंकाने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ बदमाशों ने सोमवार रात एक सस्पेंड चल रहे पुलिस कॉन्स्टेबल का अपहरण कर लिया। बदमाशों ने इस दुस्साहसिक वारदात को तब अंजाम दिया जब कॉन्स्टेबल अपनी पत्नी के साथ डिनर के लिए जा रहे थे। पिस्टल की नोक पर हुई इस किडनैपिंग से पूरे शहर में सनसनी फैल गई है।
पत्नी के सामने से किया अगवा
पीड़ित तरुण राज राजस्थान पुलिस में कॉन्स्टेबल हैं। वे सोमवार रात करीब 10 बजे अपनी पत्नी के साथ मालवीय नगर की ओर जा रहे थे। जगतपुरा के 7 नंबर चौराहे पर वे कुछ सामान लेने रुके। इसी दौरान एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार वहां आकर रुकी। कार से 3-4 नकाबपोश बदमाश उतरे और तरुण को घेर लिया। बदमाशों ने तुरंत उनकी कनपटी पर पिस्टल सटा दी। तरुण की पत्नी ने बहादुरी का परिचय देते हुए बदमाशों की कार के आगे खड़े होकर उन्हें रोकने का प्रयास किया। लेकिन बेखौफ बदमाशों ने उन्हें टक्कर मारी और तरुण को जबरन कार में डालकर फरार हो गए।
चलती कार में लूट और मारपीट
बदमाशों ने किडनैप करने के बाद तरुण को करीब आधे घंटे तक जयपुर की सड़कों पर घुमाया। इस दौरान चलती कार में ही बदमाशों ने कॉन्स्टेबल के साथ जमकर मारपीट की। लुटेरों ने तरुण की जेब में रखे 40 हजार रुपये नकद छीन लिए। इसके बाद बदमाशों ने डरा-धमकाकर उनके मोबाइल से करीब 85 हजार रुपये ऑनलाइन भी ट्रांसफर करवा लिए। कुल 1.25 लाख रुपये लूटने के बाद बदमाशों ने तरुण को एक सुनसान इलाके में धक्का देकर नीचे गिरा दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तेजी से फरार हो गए।
सीसीटीवी में कैद हुई वारदात
इस पूरी घटना का एक रोंगटे खड़े कर देने वाला सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि बदमाश किस तरह सरेराह अपहरण की घटना को अंजाम दे रहे हैं। घटना के बाद पीड़ित की पत्नी ने तुरंत पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। रामनगरिया थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और पूरे शहर में ए-श्रेणी की नाकाबंदी करवाई।
पुलिस जांच में बड़ा खुलासा
मामले में नया मोड़ तब आया जब जांच अधिकारी गजानंद मीणा ने बताया कि यह मामला केवल लूट का नहीं लग रहा है। पुलिस को संदेह है कि यह अपहरण आपसी लेनदेन के विवाद में हुआ है। पुलिस फिलहाल फुटेज में दिख रही कार के नंबर और ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के रिकॉर्ड के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द पकड़ लिया जाएगा।
शराब तस्करी से जुड़े हैं तार
बता दें कि कॉन्स्टेबल तरुण राज साल 2021 से सस्पेंड चल रहे हैं। उन पर जालोर जिले में पोस्टिंग के दौरान शराब तस्करों के साथ मिलीभगत करने के गंभीर आरोप लगे थे। फिलहाल, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या अपहरण करने वाले बदमाशों का संबंध किसी पुराने विवाद या तस्करी के नेटवर्क से तो नहीं है। राजधानी में इस घटना ने सुरक्षा पर सवाल उठा दिए हैं।