जयपुर। सावन की रिमझिम फुहारों और तीज के उल्लास के बीच गुलाबी नगरी एक बार फिर लोक संस्कृति के रंगों से सराबोर होने जा रही है। पर्यटन विभाग की ओर से 15 अगस्त से दो दिवसीय तीज उत्सव का आयोजन किया जाएगा। तालकटोरा लेक के पास स्थित पौंड्रिक पार्क में उत्सव का शुभारंभ सुबह 11:30 बजे होगा और कार्यक्रम रात 9:30 बजे तक चलेगा।
उत्सव में राजस्थान की समृद्ध कला, संस्कृति और खान-पान की झलक एक ही जगह देखने को मिलेगी। पार्क में क्राफ्ट बाजार, रंग-बिरंगे झूले और मेहंदी के स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेंगे। मौसम के अनुरूप राजस्थान के पारंपरिक और लजीज व्यंजन भी लोगों को लुभाएंगे। सुबह से शाम तक लोक कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से उत्सव के माहौल में चार चांद लगाएंगे।
पहली बार तीज सवारी में दिखेगा शौर्य और महिला सशक्तीकरण
इस बार तीज माता की शाही सवारी में आस्था के साथ शौर्य और महिला सशक्तीकरण का अनूठा संगम देखने को मिलेगा। शौर्य सेवा संगठन की संस्थापक विजयलक्ष्मी शेखावत ने बताया कि करीब 45 बालिकाएं तलवारबाजी का प्रदर्शन करेंगी।
जयपुर के स्कूलों से जुड़ी ये बालिकाएं रानी लक्ष्मीबाई की वेशभूषा में तलवारबाजी के करतब दिखाएंगी। इस विशेष प्रस्तुति में शौर्य संस्कार सेवा संगठन से जुड़ी डिंपल राठौड़, खुशी नरुका, दिव्यांशी शेखावत, आशुतोष सक्सेना, रोशन राठौड़, कृतिका शेखावत, भूमिका शेखावत, कृष्णवी शक्तावत और याचिका तंवर** सहित अन्य बालिकाएं शामिल होंगी।
शाम 5:35 बजे निकलेगी तीज माता की शाही सवारी
उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण 15 अगस्त की शाम 5:35 बजे त्रिपोलिया गेट से निकलने वाली तीज माता की शाही सवारी होगी। सवारी में करीब 175 लोक कलाकार राजस्थान के लोक वैभव, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत की भव्य झलक पेश करेंगे।
शाही सवारी के दौरान लोक नृत्य, लोक संगीत और पारंपरिक प्रस्तुतियां जयपुर की सड़कों को उत्सव के रंग में रंग देंगी। शहरवासियों और पर्यटकों को सवारी का सीधा आनंद मिल सके, इसके लिए छोटी चौपड़ सहित जयपुर शहर के 13 प्रमुख स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर लाइव प्रसारण किया जाएगा।
तीज के रंग में रंगेगा जयपुर
दो दिवसीय यह उत्सव जयपुर की पारंपरिक तीज संस्कृति को आधुनिक मंच के साथ जोड़ने का प्रयास है। एक ओर जहां क्राफ्ट बाजार और राजस्थानी व्यंजन लोगों को लोक जीवन से जोड़ेंगे, वहीं दूसरी ओर लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां और बालिकाओं की तलवारबाजी नारी शक्ति और राजस्थान की गौरवशाली परंपरा का संदेश देंगी।