राजस्थान

जयपुर में पर्यटकों से बदसलूकी: जयपुर की मेहमाननवाजी पर दाग: विदेशी महिला पर्यटकों से बदसलूकी बनी चुनौती, पुलिस लाएगी पिंक गार्ड ऐप

मानवेन्द्र जैतावत · 09 अप्रैल 2026, 11:02 दोपहर
जयपुर में विदेशी महिला पर्यटकों के साथ छेड़छाड़ और बदसलूकी की बढ़ती घटनाओं ने राजस्थान की छवि पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस अब सुरक्षा के लिए 'पिंक गार्ड ऐप' लॉन्च करने जा रही है।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर अपनी ऐतिहासिक विरासतों, भव्य किलों और 'अतिथि देवो भव' की संस्कृति के लिए पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है। हालांकि, साल 2026 की शुरुआत से ही विदेशी महिला पर्यटकों के साथ हो रही बदसलूकी की घटनाओं ने इस गौरवशाली छवि पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पर्यटन स्थलों पर 'सेल्फी' लेने के बहाने विदेशी महिलाओं को घेरना और उनके साथ अभद्रता करना एक नया और चिंताजनक ट्रेंड बन गया है।

बढ़ती असुरक्षा और 'सेल्फी' का खतरा

जयपुर के प्रमुख किलों और स्मारकों पर आने वाली विदेशी महिलाएं अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। मनचलों की भीड़ अक्सर उन्हें घेर लेती है। सुरक्षा के लिए गठित कालिका-निर्भया स्क्वॉड की अनुपस्थिति ने इन असामाजिक तत्वों के हौसले और अधिक बुलंद कर दिए हैं। भीड़ का फायदा उठाकर विदेशी पर्यटकों के साथ छेड़छाड़ करना अब एक बड़ी सुरक्षा चुनौती के रूप में पुलिस के सामने उभरा है।

हालिया घटनाएं: जब शर्मसार हुई पिंक सिटी

अप्रैल 2026 में आमेर और जयगढ़ किले के रास्ते में एक जापानी पर्यटक को चार-पांच युवकों ने घेर लिया और उनके साथ अभद्र हरकतें कीं। मार्च में जलमहल के पास एक अन्य विदेशी महिला को सेल्फी के बहाने घेरकर गलत तरीके से छूने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। एक ऑटो चालक द्वारा हिंदी सिखाने के बहाने विदेशी महिला से आपत्तिजनक शब्द बुलवाने का मामला भी पुलिस के रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। कई महिला पर्यटकों ने सोशल मीडिया पर अपने कड़वे अनुभव साझा किए हैं, जिनमें उन्होंने भीड़ में जबरन छूने और पीछा करने की शिकायत की है।

पिंक गार्ड ऐप: सुरक्षा का नया कवच

बढ़ते अपराधों को देखते हुए जयपुर पुलिस इसी महीने 'पिंक गार्ड ऐप' लॉन्च करने जा रही है। यह ऐप पर्यटकों के लिए एक डिजिटल सुरक्षा कवच बनेगा। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश के अनुसार, इस ऐप के जरिए शिकायत मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत लोकेशन ट्रैक कर मौके पर पहुंचेगी। ऐप में पर्यटन स्थलों की विस्तृत जानकारी के साथ-साथ भीड़भाड़ वाले इलाकों के लिए 'रेड जोन' और 'ग्रीन जोन' की सुविधा भी दी जाएगी।

ऐप की अन्य महत्वपूर्ण विशेषताएं

पर्यटक इस ऐप के जरिए नजदीकी अस्पतालों और थानों की जानकारी भी प्राप्त कर सकेंगे। इससे आपात स्थिति में मदद मिलना काफी आसान होगा। पुलिस का मानना है कि इस डिजिटल पहल से न केवल अपराधियों में डर पैदा होगा, बल्कि विदेशी पर्यटकों का भरोसा भी वापस लौटेगा। प्रशासन का लक्ष्य है कि जयपुर आने वाला हर पर्यटक खुद को सुरक्षित महसूस करे और यहां से राजस्थान की सुखद यादें लेकर वापस जाए।

पर्यटन उद्योग पर पड़ सकता है असर

अगर इन घटनाओं पर तुरंत लगाम नहीं लगाई गई, तो इसका सीधा असर राजस्थान के पर्यटन उद्योग और राज्य की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। स्थानीय गाइडों और व्यापारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा करने की मांग की है ताकि जयपुर की वैश्विक साख बनी रहे। पुलिस अब सादे कपड़ों में भी जवानों को तैनात करने की योजना बना रही है ताकि सेल्फी के बहाने बदसलूकी करने वालों पर पैनी नजर रखी जा सके।

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