राजस्थान

जयपुर ट्रैफिक में बड़ा बदलाव: जयपुर की सड़कों पर नहीं लगेगा जाम! मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का जेडीए को सख्त आदेश, लापरवाह अफसरों पर गिरेगी गाज

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 10 अप्रैल 2026, 09:10 सुबह
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर के ट्रैफिक को सुगम बनाने के लिए जेडीए और पुलिस को कड़े निर्देश दिए हैं। अब प्रोजेक्ट्स में देरी करने वाले अधिकारियों पर जुर्माना लगेगा और शहर में नया इंटीग्रेटेड कमाण्ड सेंटर बनेगा।

जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में अब ट्रैफिक का मंजर पूरी तरह बदलने वाला है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शहर की यातायात व्यवस्था को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण बैठक ली। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जयपुर वासियों को जाम की समस्या से निजात दिलाना था। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कह दिया है कि जेडीए के प्रोजेक्ट्स में अब देरी बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर ही पूरे होने चाहिए।

लापरवाही पर लगेगा भारी जुर्माना

मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि काम में देरी होती है, तो संबंधित जिम्मेदार अधिकारी और निर्माणकर्ता के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए उन्होंने परफॉर्मेंस और लिक्विडिटी पैनल्टी लगाने के भी निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री का मानना है कि समय पर काम पूरा होने से न केवल लागत बचती है, बल्कि जनता को भी राहत मिलती है। उन्होंने जेडीए और ट्रैफिक पुलिस को आपस में बेहतर तालमेल बिठाने की सलाह दी है।

नया इंटीग्रेटेड कमाण्ड सेंटर बनेगा मॉडल

जयपुर शहर की यातायात व्यवस्था के रीयल टाइम मैनेजमेंट के लिए अब एक नया इंटीग्रेटेड कमाण्ड सेंटर स्थापित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसके लिए जेडीए, परिवहन विभाग, ट्रैफिक पुलिस और नगर निगम को मिलकर काम करने को कहा है। इस सेंटर को एक मॉडल सेंटर के रूप में विकसित किया जाएगा ताकि अन्य शहर भी इससे प्रेरणा ले सकें। इस आधुनिक सेंटर के जरिए शहर के हर कोने की ट्रैफिक व्यवस्था पर पैनी नजर रखी जा सकेगी और आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव होगी।

इन बड़े प्रोजेक्ट्स को मिलेगी रफ्तार

मुख्यमंत्री ने जेडीए को कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को गति देने के निर्देश दिए हैं। इनमें सीबीआई फाटक, सालिग्रामपुरा फाटक और सिविल लाइन फाटक आरओबी शामिल हैं। इसके अलावा गोपालपुरा एलिवेटेड रोड और सांगानेर एलिवेटेड रोड के काम को भी गुणवत्ता के साथ जल्द पूरा करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने जेएलएन मार्ग पर यातायात प्रबंधन का एक प्रभावी प्लान तैयार करने की जरूरत पर भी बल दिया। इससे शहर के मुख्य मार्गों पर वाहनों का दबाव कम होगा और लोगों का कीमती समय बचेगा।

नये एलिवेटेड रोड और अंडरपास की तैयारी

सरकार अब भविष्य की जरूरतों को देखते हुए नए प्रोजेक्ट्स की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार करवा रही है। अरण्य भवन-जगतपुरा एलिवेटेड रोड की डीपीआर जल्द तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं अजमेर रोड पर पुरानी चुंगी अंडरपास और राम मंदिर-रेलवे यार्ड के बीच वैकल्पिक मार्ग के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट दोबारा बनाई जाएगी। द्रव्यवती एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर भी मुख्यमंत्री काफी गंभीर नजर आए और इसकी रिपोर्ट भी शीघ्र मांगी गई है।

सिग्नल फ्री होगा जयपुर का सफर

जयपुर को जाम मुक्त बनाने के लिए महल रोड, सीकर रोड और न्यू सांगानेर रोड को सिग्नल फ्री बनाने की तैयारी है। इसके लिए डबल यू-टर्न बनाने की कार्ययोजना पर जल्द काम शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि रामबाग चौराहे पर जो फ्री-लेफ्ट टर्न व्यवस्था सफल रही है, उसे अब शहर के अन्य व्यस्ततम चौराहों पर भी लागू किया जाना चाहिए। इससे लाल बत्ती पर गाड़ियों का जमावड़ा कम होगा और वाहन चालक आसानी से अपनी मंजिल तक पहुँच सकेंगे।

पैदल यात्रियों और स्कूली बच्चों की सुरक्षा

सड़कों पर केवल गाड़ियां ही नहीं, बल्कि पैदल चलने वाले लोग भी सुरक्षित रहने चाहिए। मुख्यमंत्री ने प्रमुख बाजारों में पैदल यात्रियों के लिए नियंत्रित क्रॉसिंग व्यवस्था विकसित करने को कहा है। विशेष रूप से विद्यालय क्षेत्रों में स्पष्ट संकेत बोर्ड, गति नियंत्रक और जेबरा क्रॉसिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा महल रोड, डिग्गी रोड और कालवाड़ रोड पर सेक्टर रोड की कार्यवाही को भी तेज किया जाएगा ताकि स्थानीय निवासियों को सुगम रास्ता मिल सके।

जागरूकता के लिए तकनीक का सहारा

ट्रैफिक नियमों के पालन के लिए मुख्यमंत्री ने जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवी संस्थाओं और एफएम रेडियो के माध्यम से जनता तक संदेश पहुँचाया जाए। चालान के साथ नियमों की एक संक्षिप्त नियमावली भी भेजी जाएगी ताकि लोग अपनी गलती सुधार सकें। बैठक में ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि वीओसी मोबाइल एप, आईटीएमएस और ड्रोन तकनीक का इस्तेमाल यातायात संचालन में प्रभावी ढंग से किया जा रहा है। इस बैठक में मुख्य सचिव सहित शासन के तमाम वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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