जयपुर | राजस्थान की राजधानी जयपुर में युवा मामले और खेल मंत्रालय के तत्वावधान में एक शानदार आयोजन हुआ। 'माय भारत बजट क्वेस्ट 2026' के तहत राजस्थान यूथ डायलॉग का फाइनल संपन्न हुआ।
नारी शक्ति: विकसित भारत की बुलंद आवाज
इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'नारी शक्ति: विकसित भारत की आवाज' विषय पर आयोजित महिला युवा संसद रही। इसमें प्रदेश भर की प्रतिभाशाली युवतियों ने हिस्सा लिया।जयपुर शहर की सांसद श्रीमती मंजू शर्मा इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने नारी शक्ति के महत्व पर अपने विचार साझा किए।
भागीदारी से आगे बढ़कर प्रतिनिधित्व की मांग
सांसद शर्मा ने कहा कि आज का समय बदलाव का है। अब महिलाओं को केवल काम में भागीदारी ही नहीं, बल्कि हर निर्णय में प्रतिनिधित्व चाहिए।उन्होंने विश्वास जताया कि जब नारी आगे बढ़ेगी, तो देश और समाज की प्रगति निश्चित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए संकल्पित हैं।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम का महत्व
सांसद ने ऐतिहासिक 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि इसका लक्ष्य 2029 के चुनावों में महिलाओं को 33% आरक्षण देना है।यह कानून न केवल राजनीति बल्कि सामाजिक ढांचे में भी महिलाओं की स्थिति मजबूत करेगा। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की भी जानकारी दी।
सशक्तिकरण के लिए प्रमुख सरकारी योजनाएं
संबोधन के दौरान उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला गैस योजना और जन धन योजना का उल्लेख किया। ये योजनाएं महिलाओं के जीवन स्तर को सुधार रही हैं।इसके अलावा, मुद्रा योजना और लखपति दीदी योजना के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से स्वतंत्र हो रही हैं। मातृ वंदना योजना भी महिलाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है।
विशेष संवाद और वैश्विक चर्चा
राजस्थान युवा बोर्ड के अध्यक्ष प्रवीण गुप्ता ने प्रतिभागियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने दुनिया के विभिन्न लोकतंत्रों में महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर चर्चा की।युवा संसद में प्रतिभागियों ने आर्थिक और सामाजिक उत्थान पर अपने विचार रखे। इस दौरान डॉ. रेणु जोशी, कृष्ण लाल पारचा और देवेंद्र व्यास भी उपस्थित रहे।