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जैसलमेर CSD कैंटीन में आग: जैसलमेर मिलिट्री कैंटीन में भीषण आग, लाखों का सामान राख

desk · 05 जुलाई 2026, 06:10 शाम
जैसलमेर आर्मी कैंट की CSD कैंटीन में भीषण आग लगने से लाखों का सामान जलकर राख हो गया। 8 दमकलों ने 1 घंटे में आग पर काबू पाया, कोई हताहत नहीं।

जैसलमेर मिलिट्री स्टेशन की CSD कैंटीन में भीषण आग

जैसलमेर | राजस्थान के सरहदी जिले जैसलमेर में स्थित आर्मी कैंट परिसर में रविवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां CSD कैंटीन में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे लाखों का सामान जलकर राख हो गया।

इस हाई-सिक्योरिटी सैन्य इलाके में आग की लपटें उठती देख पूरे कैंटोनमेंट और आस-पास के नागरिक क्षेत्रों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

लाखों का सामान जलकर राख

बताया जा रहा है कि इस हादसे में कैंटीन के भीतर रखा लाखों रुपये का घरेलू सामान, इलेक्ट्रॉनिक्स और राशन सामग्री जलकर पूरी तरह से राख हो गई।

हालांकि, राहत की सबसे बड़ी बात यह रही कि सेना के त्वरित रिस्पॉन्स मैकेनिज्म और स्थानीय प्रशासन की मुस्तैदी के चलते समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिया गया, जिससे कोई भी जनहानि नहीं हुई।

देखते ही देखते आग ने लिया विकराल रूप

स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार दोपहर को जब कैंटीन परिसर में सामान्य कामकाज चल रहा था, तभी अचानक इमारत के एक हिस्से से धुआं उठने लगा।

जैसलमेर के गर्म मौसम और तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही मिनटों में इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरी CSD कैंटीन को अपनी चपेट में ले लिया।

आसमान में छाया धुएं का गुबार

कैंटीन के अंदर ज्वलनशील सामान और पैकेज्ड फूड आइटम्स होने के कारण आग तेजी से फैली। इससे आसमान में काले धुएं का एक बड़ा गुबार छा गया, जिसे कई किलोमीटर दूर जैसलमेर शहर से भी साफ देखा जा सकता था।

सेना और सिविल डिफेंस ने संभाला मोर्चा

घटना की गंभीरता को देखते हुए सेना के दमकल वाहनों के साथ-साथ तुरंत सिविल डिफेंस की टीमों को भी अलर्ट किया गया।

आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए कुल 8 दमकल वाहनों को तुरंत मौके पर तैनात किया गया। सेना के जवानों और नागरिक प्रशासन के फायर फाइटर्स ने संयुक्त रूप से मोर्चा संभालते हुए आग बुझाने का काम शुरू किया।

आग को फैलने से रोका गया

चूंकि कैंटीन के पास सेना की अन्य महत्वपूर्ण आवासीय और रणनीतिक इमारतें भी स्थित थीं, इसलिए सबसे बड़ी चुनौती आग को आगे बढ़ने से रोकने की थी।

1 घंटे की मशक्कत के बाद काबू में आई आग

फायर ब्रिगेड और सेना की रेस्क्यू टीम ने चारों तरफ से पानी की बौछारें डालकर लगभग 1 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया।

दमकल कर्मियों की सूझबूझ से आग को कैंटीन की मुख्य बाउंड्री के भीतर ही रोक दिया गया और उसे सेना की अन्य नजदीकी बैरकों या कार्यालयों तक फैलने नहीं दिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

शॉर्ट सर्किट हो सकता है कारण, कोई हताहत नहीं

सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस पूरे अग्निकांड में किसी भी सैनिक, अधिकारी या नागरिक के हताहत होने या झुलसने की कोई सूचना नहीं है।

आग लगते ही परिसर में मौजूद सभी लोगों को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से बाहर निकाल लिया गया था।

जांच के बाद सामने आएगी असल वजह

शुरुआती तकनीकी जांच के आधार पर आग लगने का मुख्य कारण बिजली के पैनल में शॉर्ट सर्किट होना माना जा रहा है। हालांकि, सेना और जिला प्रशासन द्वारा इसकी आधिकारिक पुष्टि के लिए विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

आग पूरी तरह शांत होने के बाद अब सेना के उच्च अधिकारी और स्थानीय राजस्व प्रशासन की टीमें CSD कैंटीन के भीतर हुए वास्तविक आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन करने में जुट गई हैं।

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