राजस्थान

जैसलमेर में गोडावण प्रतिमा का अनावरण: जैसलमेर: गोडावण संरक्षण के लिए सरकार की बड़ी पहल

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 22 मई 2026, 11:50 दोपहर
मरु उद्यान में गोडावण प्रतिमा का अनावरण, संरक्षण पर जोर।

जैसलमेर | राजस्थान के जैसलमेर स्थित राष्ट्रीय मरु उद्यान में राज्य पक्षी गोडावण के संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। वन एवं पर्यावरण मंत्री संजय शर्मा ने यहाँ प्रतिमा का अनावरण किया।

यह कार्यक्रम केवल एक प्रतिमा के अनावरण तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रदेश की अनमोल जैव विविधता को बचाने का संकल्प है। मंत्री ने वन्यजीवों के प्रति सरकार की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया।

मरुधरा की शान गोडावण का संरक्षण

वन मंत्री संजय शर्मा ने मरु उद्यान के भ्रमण के दौरान गोडावण सहित अन्य वन्यजीवों के प्राकृतिक आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने डेज़र्ट नेशनल पार्क में सफारी कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

मंत्री ने अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि गोडावण हमारे राजस्थान की सांस्कृतिक और प्राकृतिक पहचान है। इसके अस्तित्व को बचाना हमारी प्राथमिकता है। सरकार इसके लिए आधुनिक तकनीकों का सहारा ले रही है।

इस अवसर पर पर्यावरण संवर्धन के लिए पौधरोपण अभियान भी चलाया गया। मंत्री शर्मा ने पीपल का पौधा लगाया, जबकि विधायक छोटूसिंह भाटी ने मरुधरा की जीवनरेखा खेजड़ी का रोपण कर जनता को प्रेरित किया।

प्रकृति और वन्यजीवों का अटूट रिश्ता

कार्यक्रम में वन्यजीव प्रेमी वसना राम ने गोडावण की जीवन शैली पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि यह पक्षी मरुस्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र का एक अनिवार्य हिस्सा है और इसकी सुरक्षा बेहद जरूरी है।

मंत्री ने वन विभाग के कार्मिकों की सराहना करते हुए उनके द्वारा किए जा रहे संरक्षण कार्यों को सराहा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित पर्यावरण देना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।

गोडावण राजस्थान का गौरव है। मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में हम इसके संरक्षण के लिए सुरक्षित आवास और जन-जागरूकता पर निरंतर कार्य कर रहे हैं।

भविष्य की योजनाएं और जनभागीदारी

राज्य सरकार अब गोडावण के संरक्षण के लिए दीर्घकालिक योजनाओं पर ध्यान केंद्रित कर रही है। इसमें सुरक्षित प्रजनन क्षेत्रों का विस्तार और स्थानीय समुदायों को संरक्षण गतिविधियों से जोड़ना मुख्य लक्ष्य है।

विधायक छोटूसिंह भाटी ने भी प्रकृति संरक्षण में आमजन की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज वन्यजीवों के प्रति संवेदनशील नहीं होगा, तब तक कोई भी अभियान सफल नहीं होगा।

इस कार्यक्रम में डीएफओ बृजमोहन गुप्ता सहित कई सामाजिक कार्यकर्ता और अधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में राजस्थान की प्राकृतिक विरासत को सहेजने और संवारने का सामूहिक संकल्प लिया।

यह पहल न केवल पर्यटन को बढ़ावा देगी, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बनाए रखने में सहायक होगी। जैसलमेर की यह मरुधरा अब अपनी जैव विविधता के लिए विश्व स्तर पर पहचानी जाएगी।

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