जालोर

जालोर थाना परिसर में भीषण आग: जालोर के आहोर थाना परिसर में भीषण आग, अस्पताल के कचरे की चिंगारी से 40 बाइकें जलकर राख

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 21 अप्रैल 2026, 04:59 दोपहर
जालोर के आहोर थाने में मंगलवार को भीषण आग लग गई, जिसमें 40 से अधिक बाइकें जलकर राख हो गईं। पास के अस्पताल में जल रहे कचरे से उठी चिंगारी ने इस हादसे को अंजाम दिया।

जालोर | जालोर जिले के आहोर थाने में मंगलवार का दिन भारी अफरातफरी वाला रहा। दोपहर के समय थाना परिसर में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। देखते ही देखते आग ने वहां खड़ी दर्जनों बाइकों को अपनी चपेट में ले लिया।

पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। लेकिन आग इतनी भीषण थी कि जब तक उस पर काबू पाया जाता, तब तक 40 से अधिक बाइकें पूरी तरह जलकर राख हो चुकी थीं।

अस्पताल के कचरे ने मचाई तबाही

शुरुआती जानकारी के अनुसार, यह आग थाने के पास स्थित सरकारी अस्पताल के कचरे से फैली। बताया जा रहा है कि अस्पताल परिसर में काफी समय से खुले में कचरा जलाया जा रहा था।

मंगलवार को हवा काफी तेज थी, जिससे कचरे की चिंगारी उड़कर थाना परिसर तक पहुंच गई। वहां खड़ी पुरानी बाइकों के टायरों और सूखी घास ने तुरंत आग पकड़ ली, जिससे स्थिति बेकाबू हो गई।

लोगों ने दिखाई गजब की बहादुरी

आग लगने के बाद थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों और स्थानीय युवाओं ने अपनी जान की परवाह किए बिना काम किया। उन्होंने आग की लपटों के बीच से करीब 60-70 बाइकों को खींचकर सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

अगर स्थानीय लोग तुरंत सक्रिय होकर इन बाइकों को दूर नहीं हटाते, तो नुकसान का आंकड़ा कहीं ज्यादा बड़ा हो सकता था। थाना परिसर में विभिन्न मामलों में जब्त की गई करीब 100 से ज्यादा बाइकें खड़ी थीं।

दमकल विभाग पर फूटा लोगों का गुस्सा

इस पूरे हादसे के दौरान दमकल विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सूचना देने के काफी देर बाद तक दमकल की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची, जिससे आग बढ़ती गई।

मजबूरन स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों ने निजी पानी के टैंकरों को मौके पर बुलवाया। करीब 45 मिनट की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। जब आग बुझ गई, उसके 15 मिनट बाद दमकल पहुंची।

प्रशासन कर रहा है मामले की जांच

इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। हालांकि अभी तक आधिकारिक तौर पर आग के कारणों की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह देखा जा रहा है कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई और अस्पताल परिसर में खुले में कचरा जलाने की अनुमति किसने दी थी।

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