जालोर | राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने एक बार फिर बड़ी कामयाबी हासिल की है। जालोर और बाड़मेर जिलों में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए हैं।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को दबोचने में सफलता पाई है। इनके पास से कुल 2 किलो अफीम और 2.900 किलो डोडा चूरा बरामद किया गया है। पकड़े गए दोनों आरोपी जालोर जिले के ही निवासी बताए जा रहे हैं।
बागोड़ा में पुलिस की पहली बड़ी कार्रवाई
जालोर एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि बागोड़ा थाना क्षेत्र के भालनी में रुपा की ढाणी में एक व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ की सप्लाई करता है। सूचना मिलते ही टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर इलाके की घेराबंदी शुरू कर दी।
टीम को देखते ही आरोपी नरपत कुमार (33) पुत्र बगताराम मौके से भागने लगा। हालांकि, मुस्तैद जवानों ने पीछा कर उसे दबोच लिया। तलाशी के दौरान मकान के पास छिपाकर रखा 500 ग्राम अफीम और 2.900 किलो डोडा चूरा बरामद किया गया।
पशु बाड़े में छिपा रखी थी अफीम
दूसरी बड़ी कार्रवाई बाड़मेर एएनटीएफ टीम द्वारा की गई। टीम को सूचना मिली थी कि कांखी के परिहारों की ढाणी में एक व्यक्ति अफीम की तस्करी कर रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर दबिश दी।
पुलिस ने बागोड़ा के डूंगरवा निवासी देवीचंद (34) पुत्र पुनमाराम के घर की बारीकी से तलाशी ली। इस दौरान घर में बने पशुओं के बाड़े से करीब 1.500 किलो अफीम बरामद हुई। पुलिस ने अफीम जब्त कर आरोपी देवीचंद को गिरफ्तार कर लिया।
एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज
दोनों ही मामलों में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये तस्कर माल कहां से लाते थे और किन्हें सप्लाई करते थे।
एएनटीएफ की इस सक्रियता से इलाके के नशा तस्करों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि नशा मुक्ति अभियान के तहत इस तरह की कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी। पूछताछ में कई बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।