जालोर | जिले में किसी भी आगजनी की घटना से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए सोमवार को एक महत्वपूर्ण अभ्यास किया गया। जालोर थर्ड फेज स्थित भारत गैस गोदाम में आग लगने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन की टीमें हरकत में आ गईं। यह एक मॉक ड्रिल थी जिसका उद्देश्य आपातकालीन स्थिति में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय और प्रतिक्रिया समय का आकलन करना था।
जालोर में गैस गोदाम में आग!: जालोर: गैस गोदाम में लगी आग, प्रशासन ने की मॉक ड्रिल
जालोर में भारत गैस गोदाम पर आग लगने की सूचना पर प्रशासन ने सफल मॉक ड्रिल का आयोजन किया। इस अभ्यास का उद्देश्य आपातकालीन तैयारियों को परखना था।
HIGHLIGHTS
- जालोर के भारत गैस गोदाम में आग लगने पर मॉक ड्रिल का आयोजन।
- अग्निशमन, पुलिस, चिकित्सा सहित कई विभागों ने लिया हिस्सा।
- आपातकालीन तैयारियों और स्थानीय संसाधनों की जांच की गई।
- जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे भी मौके पर मौजूद रहे।
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प्रशासन ने परखी अपनी तैयारी
सूचना मिलते ही अग्निशमन, पुलिस, चिकित्सा और नागरिक सुरक्षा विभाग के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने तेजी से सुरक्षा और राहत-बचाव का कार्य शुरू कर दिया, जैसे कि यह एक वास्तविक घटना हो।
इस अभ्यास के माध्यम से, प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि उनके पास ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए आवश्यक संसाधन और प्रशिक्षित कर्मचारी हैं।
गलत जगह पहुंची फायर ब्रिगेड
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मॉकड्रिल के दौरान उस समय थोड़ा असमंजस की स्थिति बन गई जब कंट्रोल रूम द्वारा घटना स्थल को लेकर दी गई जानकारी पूरी तरह स्पष्ट नहीं थी। लोकेशन क्लियर न होने के कारण दो दमकलें और कई अधिकारियों के वाहन भीनमाल रोड के बजाय जालोर के राजेंद्र नगर इलाके में पहुंच गए। हालांकि, बाद में कंट्रोल रूम से दोबारा सही लोकेशन की पुष्टि होने के बाद सभी वाहन और अधिकारी सही मौके पर पहुंचे। इस गफलत के बावजूद सभी टीमें समय रहते घटना स्थल पर जुटने में कामयाब रहीं।
अधिकारियों ने किया निरीक्षण
मॉक ड्रिल के दौरान जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम गोदारा और तहसीलदार रणवीर सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। उन्होंने पूरी प्रक्रिया का बारीकी से निरीक्षण किया।
जिला कलक्टर ने कहा, इस तरह के अभ्यास हमें किसी भी वास्तविक आपदा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करते हैं और हमारी कमजोरियों को पहचानने में मदद करते हैं।
यह मॉक ड्रिल सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिससे यह साबित हुआ कि जालोर का प्रशासन किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए काफी हद तक तैयार है। इस अभ्यास से मिले अनुभव के आधार पर भविष्य की रणनीतियों में और सुधार किया जाएगा।
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