राजस्थान

जालोर में 20 लाख की बड़ी ठगी: जालोर: 30 करोड़ के लालच में गंवाए 20 लाख रुपये

जोगेन्द्र सिंह शेखावत · 04 मई 2026, 11:42 दोपहर
जालोर में 20% कमीशन का झांसा देकर ठगों ने दादा-दादी के बैंक खातों से उड़ाए करीब 20 लाख रुपये।

जालोर | राजस्थान के जालोर जिले में लालच के चक्कर में एक युवक ने अपने बुजुर्ग दादा-दादी की जीवन भर की जमा पूंजी गंवा दी। ठगों ने उसे 30 करोड़ रुपये के ट्रांजेक्शन पर भारी कमीशन का झांसा दिया और करीब 20 लाख रुपये हड़प लिए।

कमीशन का लालच और ठगी का जाल

धवला गांव के श्रीपाल सिंह को उसके परिचितों ने एक बड़े 'सेठ' की कहानी सुनाई। उन्होंने दावा किया कि अहमदाबाद से 25-30 करोड़ रुपये आने वाले हैं।

आरोपियों ने श्रीपाल को भरोसा दिलाया कि अगर वह इस रकम को कैश कराने में मदद करेगा, तो उसे 20 प्रतिशत कमीशन मिलेगा। इस लालच में युवक बुरी तरह फंस गया।

ठगों ने पहले उससे 25 लाख रुपये की व्यवस्था करने को कहा। इसके बाद वे उसे जोधपुर के पास एक गोशाला ले गए, जहां एक महाराज ने करोड़ों रुपये आने का झूठा दावा किया।

नेट बैंकिंग से साफ किए बुजुर्गों के खाते

आरोपियों ने करीब दो हफ्तों तक श्रीपाल का भरोसा जीता। फिर चालाकी से उसका वह मोबाइल ले लिया, जो उसके दादा शम्भुसिंह के बैंक खाते से लिंक था।

इसके बाद ठगों ने नेट बैंकिंग और यूपीआई का इस्तेमाल किया। उन्होंने दादा के खाते से 17.58 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए।

इतना ही नहीं, आरोपियों ने श्रीपाल की दादी के खाते को भी नहीं बख्शा। उनके खाते से भी 2.11 लाख रुपये नकद निकाल लिए गए और श्रीपाल को इसकी भनक तक नहीं लगी।

चोरी के पैसों से खरीदे आईफोन और लग्जरी फोन

ठगी की रकम से आरोपियों ने अपनी मौज-मस्ती का पूरा इंतजाम किया। उन्होंने बाजार से आईफोन 16 प्रो मैक्स और सैमसंग S24 अल्ट्रा जैसे महंगे स्मार्टफोन खरीदे।

"आरोपियों ने मेरा मोबाइल और गाड़ी भी छीन ली थी। उन्होंने दादा-दादी के खातों से सारा पैसा साफ कर दिया और महंगे फोन खरीद लिए।"

पीड़ित ने बताया कि ठगों ने उसकी गाड़ी और चेकबुक पर भी कब्जा कर लिया था। हालांकि, बागरा थाना पुलिस की मदद से गाड़ी बाद में बरामद कर ली गई।

एक साल बाद खुला राज

यह मामला तब सामने आया जब एक साल बाद दादा ने अपना बैंक खाता चेक किया। खाते में बैलेंस न देख उनके होश उड़ गए और परिवार में हड़कंप मच गया।

साइबर थाना पुलिस ने अब चार आरोपियों के खिलाफ नामजद मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना हमें ऑनलाइन बैंकिंग और अजनबियों पर भरोसे के प्रति सचेत करती है।

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