जालोर | जालोर पुलिस ने एक बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ करते हुए राकेश जीनगर नाम के एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी खुद को जयपुर नगर निगम और डीएलबी (DLB) का अधिकारी बताकर बेरोजगार युवाओं को अपना शिकार बनाता था।
करोड़ों की ठगी का खेल
पुलिस के अनुसार, आरोपी राकेश पिछले चार सालों से सक्रिय था। उसने जालोर, पाली और सिरोही जिलों के सैकड़ों युवाओं को सरकारी नौकरी का झांसा दिया। वह हर युवा से 3 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक की मोटी रकम वसूलता था।
फर्जी ईमेल और जॉइनिंग लेटर
पैसे लेने के बाद आरोपी पीड़ितों को भरोसे में लेने के लिए जयपुर नगर निगम की फर्जी ईमेल आईडी से जॉइनिंग लेटर भेजता था। इन पत्रों को देखकर युवा सच मान लेते थे और अपनी मेहनत की कमाई उसे सौंप देते थे।
डेढ़ साल तक बिना वेतन का काम
हद तो तब हो गई जब उसने पीड़ितों को जालोर के शहरी आजीविका केंद्र में ड्यूटी पर लगा दिया। वहां उन्हें करीब डेढ़ साल तक बिना किसी काम और बिना वेतन के बैठाए रखा गया। जब वेतन नहीं मिला, तब पीड़ितों को शक हुआ।
पुलिस की कार्रवाई
हरियाली निवासी मुकेश और अन्य पीड़ितों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने जाल बिछाया। आरोपी को रतनपुरा रोड से गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि इस गिरोह में और कौन-कौन शामिल है। युवाओं से अपील है कि वे ऐसे झांसों में न आएं।