राजस्थान

डॉक्टर बेटे ने की आत्महत्या: जालोर: इनकम टैक्स ऑफिसर के डॉक्टर बेटे ने किया सुसाइड

desk · 20 मई 2026, 08:40 रात
मां बाजार गई थी, घर लौटने पर डॉक्टर बेटे का शव फंदे से लटका मिला।

जालोर | राजस्थान के जालोर जिले से एक दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ शिवाजी नगर में रहने वाले एक इनकम टैक्स ऑफिसर के इकलौते डॉक्टर बेटे ने फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया।

मृतक युवक की पहचान 25 वर्षीय ऋषभ भाटी के रूप में हुई है। ऋषभ ने हाल ही में अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई पूरी की थी। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है।

घटना का घटनाक्रम और मां का विलाप

यह घटना बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे की बताई जा रही है। उस समय ऋषभ घर पर अकेला था। उसकी मां पास के ही बाजार में सब्जी लेने गई हुई थीं।

जब मां सब्जी लेकर वापस लौटीं, तो उन्होंने घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद पाया। कई बार आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बाद भी अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

घबराई हुई मां ने तुरंत पड़ोसियों और मकान मालिक को मदद के लिए बुलाया। काफी मशक्कत के बाद जब दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का नजारा देखकर सबकी चीख निकल गई।

ऋषभ का शव कमरे में फंदे से लटका हुआ था। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया और तुरंत जालोर के सामान्य अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पिता की जालोर में है पोस्टिंग

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, ऋषभ के पिता राजेश भाटी इनकम टैक्स विभाग में अधिकारी हैं। वे मूल रूप से पाली जिले के न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के निवासी हैं।

वर्तमान में राजेश भाटी की पोस्टिंग जालोर में है। इसी वजह से वे अपने परिवार के साथ यहां शिवाजी नगर में एक किराए के मकान में रह रहे थे। उनका परिवार काफी प्रतिष्ठित माना जाता है।

डॉक्टरी की पढ़ाई और भविष्य के सपने

ऋषभ एक मेधावी छात्र था और उसने अपने करियर के लिए काफी मेहनत की थी। उसने हाल ही में उदयपुर के एक प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज से अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी।

वह अपने करियर की शुरुआत करने ही वाला था और घर में खुशी का माहौल था। किसी को अंदाजा नहीं था कि वह ऐसा कदम उठा लेगा। उसकी एक छोटी बहन भी है जो कोटा में पढ़ती है।

हेड कॉन्स्टेबल मांगीलाल ने बताया, "राजेश भाटी बुधवार सुबह अपने ऑफिस चले गए थे। घर पर ऋषभ और उसकी मां ही थे। प्रारंभिक जांच में यह आत्महत्या का मामला लग रहा है।"

पुलिस जांच और परिजनों का बयान

अस्पताल की मॉर्च्युरी के बाहर का दृश्य अत्यंत भावुक कर देने वाला था। ऋषभ के माता-पिता एक-दूसरे को ढांढस बंधाते नजर आए। उनकी आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे।

पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल परिजनों ने किसी के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करवाया है। पुलिस सुसाइड के कारणों का गहनता से पता लगाने में जुटी है।

अभी तक पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। पुलिस ऋषभ के मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।

यह घटना समाज के लिए एक बड़ी चेतावनी है। एक होनहार डॉक्टर का इस तरह दुनिया छोड़ जाना मानसिक तनाव की ओर इशारा करता है। प्रशासन और समाज को युवाओं के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत है।

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