जालोर | जालोर नगर निकाय चुनाव के नतीजों के बाद अब सभापति पद को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
पूर्ववर्ती सरकार में राजस्थान जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के अध्यक्ष रहे पुखराज पाराशर ने एक प्रेस वार्ता आयोजित की। इसमें उन्होंने भाजपा पर सत्ता के दुरुपयोग का दावा किया।
भाजपा पर पार्षदों को धमकाने का आरोप
पाराशर ने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्षदों और उनके परिजनों को डराने-धमकाने की कोशिशें की जा रही हैं। उनके अनुसार, पार्षदों के घरों के बाहर निगरानी रखी जा रही है।
उन्होंने दावा किया कि भाजपा द्वारा पार्षदों को पैसों का प्रलोभन भी दिया जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस के सभी 19 पार्षद पूरी तरह एकजुट हैं।
निर्दलीयों के समर्थन से बोर्ड बनाने का दावा
कांग्रेस नेता ने विश्वास जताया कि निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से जालोर में कांग्रेस अपना बोर्ड बनाएगी। उन्होंने कहा कि जनता ने कांग्रेस को 19 और भाजपा को 14 सीटें दी हैं।
पाराशर ने भाजपा को जनता के फैसले का सम्मान करने की नसीहत दी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पार्षद किसी भी सूरत में बिकने वाले नहीं हैं।
सुरक्षा और निष्पक्ष चुनाव की मांग
प्रेस वार्ता के दौरान पाराशर ने दावा किया कि दो गाड़ियां उनका पीछा कर रही हैं। उन्होंने इन संदिग्ध लोगों की पहचान होने की बात कही और मुकदमा दर्ज कराने की चेतावनी दी।
कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने प्रशासन से पूरी चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और सुरक्षित बनाने की मांग की है।
अधिकारियों की भूमिका पर उठाए सवाल
पाराशर ने कुछ सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर पक्षपात करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि पक्षपात करने वाले अधिकारियों की पहचान कर ली गई है और मामला आगे उठाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, इसलिए अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारी निष्पक्षता से निभानी चाहिए। उन्होंने भाजपा की उम्मीदवार चयन प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए।
मतदान में गड़बड़ी और आरटीआई का मुद्दा
पाराशर ने राजेंद्र नगर क्षेत्र में मतदान के दौरान बूथ पर कब्जे की कोशिश और फर्जी मतदान का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के पास इसकी वीडियो रिकॉर्डिंग उपलब्ध है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीसीटीवी फुटेज मांगने के लिए आरटीआई लगाने वाले कांग्रेस पदाधिकारी पर दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने सवाल किया कि गड़बड़ी नहीं हुई तो फुटेज देने में आपत्ति क्यों है।
विकास कार्यों और भ्रष्टाचार पर घेरा
निकाय चुनाव के साथ-साथ पाराशर ने जालोर के विकास कार्यों पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने मेडिकल कॉलेज और किले की सड़क के काम में देरी पर आपत्ति जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि मेडिकल कॉलेज को पीपीपी मोड पर ले जाना परियोजना को लटकाने की कोशिश है। उन्होंने सरकार से पूर्व में स्वीकृत कार्यों को जल्द पूरा करने की मांग की।
जमीन आवंटन में अनियमितता का दावा
पाराशर ने जमीन आवंटन और सायला में फर्जी रजिस्ट्रियों के मामलों में भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने नगर निकाय के पुराने रिकॉर्ड रूम में आग लगने की घटना की जांच की मांग की।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने पार्षदों से शहर के हित में फैसला लेने की अपेक्षा रखें। उन्होंने धनबल के इस्तेमाल से शहर पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ के प्रति आगाह किया।
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