जालोर | राजस्थान की जालोर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी चंद रुपयों के लालच में अपने बैंक खाते साइबर ठगों को किराए पर देते थे।
जालोर में साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़: जालोर पुलिस का 'ऑपरेशन म्यूल हंटर': बैंक खाते बेचने वाले 3 गिरफ्तार
कमीशन के लालच में साइबर ठगों को बैंक खाते देने वाले गिरोह को जालोर पुलिस ने दबोचा।
HIGHLIGHTS
- जालोर पुलिस ने 'ऑपरेशन म्यूल हंटर' के तहत तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।
- आरोपी महज 10 से 40 हजार रुपये के कमीशन के लिए अपने बैंक खाते ठगों को बेचते थे।
- पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल, एटीएम कार्ड और चेक बुक बरामद किए हैं।
- जालोर एसपी के निर्देशन में अब तक इस मामले में कुल 5 केस दर्ज किए जा चुके हैं।
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कैसे काम करता था यह गिरोह?
पुलिस जांच में पता चला कि ये आरोपी कमीशन के बदले अपनी पासबुक, एटीएम और सिम कार्ड अपराधियों को सौंप देते थे। ठग इन खातों का इस्तेमाल ठगी की राशि को सुरक्षित ठिकाने लगाने के लिए करते थे।
आरोपी शंकरलाल ने 10 हजार रुपये के लिए अपना खाता नारायणलाल के जरिए अपराधियों को दिया। वहीं, राकेश कुमार ने 40 हजार रुपये के लालच में आकर अपनी गोपनीय बैंकिंग जानकारी साझा की थी।
पुलिस की बड़ी बरामदगी और गिरफ्तारी
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पुलिस ने उम्मेदपुर निवासी शंकरलाल, सुभाषनगर के नारायणलाल और ताशखाना बावड़ी के राकेश कुमार को दबोचा है। इनके पास से दो मोबाइल, तीन एटीएम कार्ड और चेक बुक जैसे दस्तावेज बरामद हुए हैं।
"आमजन किसी भी प्रलोभन में आकर अपना बैंक खाता या डिजिटल दस्तावेज अनजान व्यक्ति को न दें, अन्यथा वे भी इस गंभीर अपराध के भागीदार बन सकते हैं।"
सावधान रहें, सुरक्षित रहें
एसपी शैलेन्द्रसिंह इन्दौलिया के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान ने साइबर अपराधियों के नेटवर्क को हिला कर रख दिया है। पुलिस अब उन बिचौलियों की तलाश कर रही है जो मासूम लोगों को फंसाते हैं।
साइबर अपराध के इस दौर में अपनी बैंकिंग डिटेल्स की सुरक्षा करना बेहद जरूरी है। जालोर पुलिस की यह कार्रवाई उन लोगों के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो लालच में आकर कानून तोड़ते हैं।
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