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जालोर: स्कूल पर जड़ा ताला: जालोर: 'हमें इंग्लिश नहीं, हिंदी मीडियम चाहिए', स्कूल गेट पर ताला लगाकर स्टूडेंट्स का जोरदार प्रदर्शन

thinQ360 · 02 अप्रैल 2026, 03:16 दोपहर
जालोर के सायला में स्टूडेंट्स ने महात्मा गांधी सरकारी स्कूल के गेट पर ताला जड़ दिया। उनकी मांग है कि स्कूल को वापस हिंदी मीडियम किया जाए क्योंकि आसपास कोई हिंदी स्कूल नहीं है।

जालोर | राजस्थान के जालोर जिले में शिक्षा के माध्यम को लेकर एक बड़ा विवाद सामने आया है। सायला उपखंड के बावतरा गांव में स्थित महात्मा गांधी गवर्नमेंट स्कूल में स्टूडेंट्स और ग्रामीणों ने मिलकर तालाबंदी कर दी।

हिंदी मीडियम की मांग और ग्रामीणों का दर्द

ग्रामीणों का कहना है कि इस स्कूल को इंग्लिश मीडियम में बदलने से बच्चों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। बावतरा गांव के 15 किलोमीटर के दायरे में कोई दूसरा हिंदी मीडियम स्कूल नहीं है।ग्रामीणों के अनुसार, स्थानीय बच्चों को अंग्रेजी माध्यम में पढ़ाई करने में काफी कठिनाई हो रही है। वे चाहते हैं कि स्कूल को फिर से हिंदी माध्यम में बदला जाए ताकि गरीब छात्र आसानी से शिक्षा पा सकें।

प्रशासन की अनदेखी पर फूटा गुस्सा

प्रदर्शनकारियों ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी कई बार शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा था। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।सुनवाई न होने से नाराज स्टूडेंट्स और ग्रामीण आज सुबह 10 बजे ही स्कूल पहुंच गए। उन्होंने मुख्य द्वार पर ताला लटका दिया और गेट के सामने ही धरना देकर बैठ गए। इस दौरान प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।

स्कूल में शिक्षकों की भारी कमी

तालाबंदी के दौरान स्टूडेंट्स ने एक और गंभीर मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल में पर्याप्त स्टाफ नहीं है। कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं।शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह प्रभावित हो रही है। छात्रों की मांग है कि सभी रिक्त पदों पर तुरंत शिक्षकों की नियुक्ति की जाए ताकि उनका भविष्य खराब न हो।

दो घंटे बाद अधिकारियों ने संभाला मोर्चा

हंगामे की सूचना मिलते ही सायला ब्लॉक शिक्षा विभाग के अधिकारी और स्थानीय सरपंच मौके पर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारियों को शांत कराने की कोशिश की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना।अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि स्कूल माध्यम और शिक्षकों की कमी की समस्या को उच्चाधिकारियों के समक्ष रखा जाएगा। इस भरोसे के बाद करीब दो घंटे बाद स्कूल का ताला खोला गया।

ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया है, लेकिन ग्रामीणों और छात्रों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह केवल एक चेतावनी थी। यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई, तो वे फिर से सड़क पर उतरेंगे।

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