जालौर |जालौर में सरकारी शिक्षक भर्ती में हुए फर्जीवाड़े को लेकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया गया है। पिछले पांच वर्षों में हुई सरकारी नियुक्तियों की गहन जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं, जिसके बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
भर्ती प्रक्रिया में बड़ी धांधली का खुलासा
जांच में नकल, डमी अभ्यर्थी बिठाने, फर्जी डिग्री का इस्तेमाल करने, और फोटो व हस्ताक्षर में विसंगतियों जैसे कई मामले सामने आए हैं। इन निष्कर्षों के आधार पर विभाग ने सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
15 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त
विभागीय रिकॉर्ड के अनुसार, इस फर्जीवाड़े में संलिप्त पाए जाने पर अब तक कुल 15 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। यह कार्रवाई विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के आधार पर की गई है।
इनमें शारीरिक शिक्षा शिक्षक भर्ती-2022 में जांच के बाद 11 शिक्षकों को बर्खास्त किया गया। इसके अतिरिक्त, प्रारंभिक शिक्षा विभाग में हुई अन्य भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं और नकल से जुड़े मामलों में 5 और शिक्षकों की सेवाएं समाप्त की गईं।
21 शिक्षक निलंबित, 113 SOG के रडार पर
सेवा समाप्ति के अलावा, 21 अन्य शिक्षकों को निलंबित भी किया गया है। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के 15 शिक्षकों को विभिन्न भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों में निलंबित किया गया है।
इनमें REET-2021, उप निरीक्षक भर्ती-2021, पटवारी परीक्षा-2021, द्वितीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2022 और शारीरिक शिक्षा शिक्षक भर्ती-2022 से संबंधित मामले शामिल हैं।
फिलहाल, तृतीय श्रेणी के 113 शिक्षक अभी भी स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (SOG) की जांच के दायरे में हैं। SOG की जांच पूरी होने और तथ्यों के सामने आने के बाद इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।