जालोर | राजस्थान के जालोर जिले से एक ऐसी हृदयविदारक खबर सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखों में आंसू ला दिए हैं।
यहां एक शादी समारोह की खुशियां उस वक्त मातम में बदल गईं, जब नाचते-नाचते एक विवाहिता जमीन पर गिर पड़ी।
मोरसीम गांव में चल रहे शादी के जश्न के बीच 22 साल की दीपू की मौत ने पूरे इलाके को सन्न कर दिया है।
यह घटना सोमवार रात की बताई जा रही है, जिसका एक दर्दनाक वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
खुशियों के बीच अचानक पसरा सन्नाटा
बागोड़ा कस्बे के मोरसीम गांव में लुंबाराम राजपुरोहित के परिवार में दो-दो शादियों की तैयारियां जोरों पर चल रही थीं।
पूरा परिवार और रिश्तेदार बिंदौरी के कार्यक्रम में मगन थे और डीजे की धुन पर नाच-गाना चल रहा था।
इसी दौरान सांचौर के सातड़ा गांव से आई दीपू भी अपने ममेरे भाई-बहन की शादी की खुशी में नाचने लगी।
दीपू राजस्थानी गीतों पर पूरे उत्साह के साथ डांस कर रही थी और उसके चेहरे पर मुस्कान थी।
करीब 10 मिनट तक लगातार डांस करने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और वह लड़खड़ा गई।
इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता, दीपू अचानक डांस फ्लोर पर ही अचेत होकर गिर पड़ी।
चार महीने पहले ही हुई थी शादी
मृतका दीपू के चचेरे भाई भंवर लाल ने बताया कि दीपू की शादी अभी महज चार महीने पहले ही हुई थी।
शादी के बाद वह पहली बार किसी बड़े पारिवारिक समारोह में शामिल होने के लिए अपने ननिहाल आई थी।
दीपू के पति दिलीप कुमार मुंबई में स्टील का बिजनेस करते हैं और वह भी इस शादी के लिए बहुत उत्साहित थे।
शादी के कुछ ही महीनों बाद इस तरह की अनहोनी ने पति और ससुराल पक्ष को भी गहरे सदमे में डाल दिया है।
दीपू अपने माता-पिता और छोटी बहन के साथ खुशी-खुशी इस शादी समारोह में शामिल होने पहुंची थी।
किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था कि यह उसकी आखिरी खुशी साबित होगी और वह कभी वापस नहीं लौटेगी।
अस्पताल ले जाते समय थमी सांसें
जैसे ही दीपू जमीन पर गिरी, वहां मौजूद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई और तुरंत संगीत बंद कर दिया गया।
परिजन उसे आनन-फानन में मोरसीम गांव के ही सरकारी अस्पताल लेकर भागे ताकि उसकी जान बचाई जा सके।
अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे बचाने की हर संभव कोशिश की और उसे हार्ट पंपिंग के लिए जरूरी इंजेक्शन भी दिए।
लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और डॉक्टरों ने जांच के बाद दीपू को मृत घोषित कर दिया।
भंवर लाल ने बताया कि डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच में मौत का कारण गंभीर हार्ट अटैक यानी दिल का दौरा बताया है।
अस्पताल की दहलीज पर ही खुशियों का अंत हो गया और चारों तरफ चीख-पुकार मच गई।
परिवार में होनी थीं दो शादियां
लुंबाराम पुत्र जवाराम राजपुरोहित के घर में इस हफ्ते दो शादियां तय थीं, जिसकी रौनक हर तरफ दिख रही थी।
उनकी बेटी की शादी मंगलवार यानी 28 अप्रैल को होनी थी और बेटे की शादी एक मई को निर्धारित थी।
दीपू अपने मामा लुंबाराम के घर पर इन्हीं शादियों में शामिल होने के लिए सांचौर से मोरसीम आई थी।
सोमवार रात करीब 9 बजे जब बिंदौरी का कार्यक्रम चल रहा था, तब दीपू अन्य महिलाओं के साथ नाच रही थी।
राजस्थानी गीतों की धुन पर थिरकते हुए उसके गिरने का वीडियो देखकर लोग हैरान हैं कि मौत इतनी अचानक आ सकती है।
घटना के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर कोई इस युवा मौत पर शोक व्यक्त कर रहा है।
शादी की रस्में हुईं स्थगित
दीपू की मौत के बाद परिवार ने शादी के सभी बड़े कार्यक्रमों और जश्न को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया है।
अब घर में कोई नाच-गाना या डीजे का शोर नहीं सुनाई देगा, बल्कि केवल जरूरी रस्में ही पूरी की जाएंगी।
परिवार के सदस्यों ने बताया कि दीपू के पिता देवाराम एक सरकारी शिक्षक हैं और बागोड़ा में ही कार्यरत हैं।
बेटी की अचानक मौत ने पिता को पूरी तरह तोड़ दिया है और पूरा गांव उनके साथ खड़ा नजर आ रहा है।
शादी के घर में जहां मंगल गीत गाए जा रहे थे, वहां अब केवल सिसकियों की आवाजें गूंज रही हैं।
बिना किसी तामझाम के केवल जरूरी वैवाहिक विधियों को पूरा कर शादी की औपचारिकता निभाई जाएगी।
युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामले
पिछले कुछ समय से युवाओं में अचानक हार्ट अटैक आने की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं, जो चिंता का विषय है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अत्यधिक शारीरिक श्रम या मानसिक तनाव के दौरान दिल पर दबाव बढ़ जाता है।
डांस करते समय या जिम में वर्कआउट करते समय इस तरह की घटनाएं पहले भी कई बार सामने आ चुकी हैं।
चिकित्सकों की सलाह है कि अगर शरीर में जरा भी असहजता महसूस हो, तो तुरंत आराम करना चाहिए।
दीपू के मामले में भी 10 मिनट के निरंतर डांस के बाद उसका शरीर इस दबाव को झेल नहीं सका।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब जीवनशैली से जुड़ी ये बीमारियां युवाओं को अपनी चपेट में ले रही हैं।
परिजनों ने नहीं कराया पोस्टमॉर्टम
घटना के बाद पुलिस को सूचना दी गई थी, लेकिन परिजनों ने दीपू का पोस्टमॉर्टम कराने से साफ इनकार कर दिया।
परिजनों का कहना था कि वे इस दुख की घड़ी में अपनी बेटी के शव के साथ और कोई प्रक्रिया नहीं चाहते।
पुलिस ने कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया है।
मंगलवार को गमगीन माहौल में दीपू का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
हर आंख नम थी और हर कोई बस यही कह रहा था कि भगवान ऐसी अनहोनी किसी के साथ न करे।
"दीपू बहुत खुश थी और ममेरे भाई-बहन की शादी को लेकर उसने कई योजनाएं बनाई थीं। हमें यकीन नहीं हो रहा कि वह अब हमारे बीच नहीं है।" - भंवर लाल, मृतका का चचेरा भाई
सावधानी ही एकमात्र बचाव
इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए स्वास्थ्य विशेषज्ञ समय-समय पर मेडिकल चेकअप की सलाह देते हैं।
खासकर युवाओं को अपने दिल की सेहत का ध्यान रखना चाहिए और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
जालोर की इस घटना ने एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि जीवन कितना अनिश्चित है।
शादी समारोहों में भी अब लोग इस तरह की घटनाओं को लेकर डरे हुए हैं और सावधानी बरतने की बात कर रहे हैं।
दीपू की यादें अब केवल उन वीडियो में कैद रह गई हैं, जिसमें वह अपनी आखिरी खुशियां मना रही थी।
इस दुखद घटना ने जालोर जिले के मोरसीम गांव के इतिहास में एक काला अध्याय जोड़ दिया है।
परिवार अब धीरे-धीरे इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रहा है, लेकिन दीपू की कमी हमेशा खलेगी।
शादी की खुशियां तो फिर लौट आएंगी, लेकिन एक हंसती-खेलती बेटी का जाना कभी पूरा नहीं हो सकेगा।
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