टोक्यो | फीफा वर्ल्ड कप 2026 में जापान ने इतिहास रच दिया है। स्वीडन के खिलाफ एक रोमांचक मुकाबले में 1-1 से ड्रॉ खेलकर जापान ने नॉकआउट दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है। इस शानदार प्रदर्शन के साथ, जापान इस टूर्नामेंट के राउंड ऑफ 32 में पहुंचने वाली पहली एशियाई टीम बन गई है।
रोमांचक ड्रॉ ने दिलाई नॉकआउट में जगह
जापान को अगले दौर में क्वालीफाई करने के लिए स्वीडन के खिलाफ सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत थी, और टीम ने ठीक वैसा ही प्रदर्शन किया।
यह मुकाबला शुरू से ही काफी तनावपूर्ण रहा। दोनों टीमों ने गोल करने के कई मौके बनाए, लेकिन पहले हाफ में कोई भी टीम सफलता हासिल नहीं कर सकी।
जापान ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखा और लगातार स्वीडन के डिफेंस पर दबाव डाला। डाइजेन माएडा और युकिनारी सुगावारा के प्रयासों को स्वीडिश गोलकीपर ने नाकाम कर दिया।
दूसरे हाफ में हुए दो गोल
मैच का पहला गोल दूसरे हाफ में आया जब 56वें मिनट में डाइजेन माएडा ने रित्सु दोआन के पास पर शानदार गोल कर जापान को 1-0 की बढ़त दिला दी।
हालांकि, जापान की यह खुशी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। ठीक 6 मिनट बाद, 62वें मिनट में स्वीडन के एंथनी एलंगा ने एक बेहतरीन गोल करके स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया।
"यह टीम की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का नतीजा है। अब हमारा पूरा ध्यान ब्राजील के खिलाफ होने वाले बड़े मुकाबले पर है।"
स्वीडन भी अगले दौर में, जापान की ब्राजील से टक्कर
मैच ड्रॉ होने के बावजूद, स्वीडन भी सर्वश्रेष्ठ तीसरे स्थान वाली टीमों में से एक के रूप में नॉकआउट के लिए क्वालीफाई करने में सफल रहा।
जापान के गोलकीपर जायन सुजुकी ने मैच के अंतिम क्षणों में कुछ बेहतरीन बचाव किए, जिसमें अलेक्जेंडर इसाक का एक खतरनाक हेडर भी शामिल था, जिससे जापान हार से बच गया।
ग्रुप एफ में दूसरे स्थान पर रहने के कारण, जापान का सामना अब 30 जून को फुटबॉल की दिग्गज टीम ब्राजील से होगा। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने एशियाई फुटबॉल प्रशंसकों में उत्साह की लहर दौड़ा दी है। अब सभी की निगाहें ब्राजील के खिलाफ जापान के प्रदर्शन पर टिकी हैं, जहां वे एक और उलटफेर करने की उम्मीद करेंगे।
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