राजनीति

झालावाड़ कैंसर सेंटर पर संकट: झालावाड़ कैंसर सेंटर को बजट देने से सरकार का इनकार

गणपत सिंह मांडोली · 04 अक्टूबर 2026, 05:45 शाम
झालावाड़ के टर्शरी कैंसर केयर सेंटर का निर्माण 13 साल बाद भी अधूरा है। सरकार ने भवन निर्माण के लिए 2.39 करोड़ रुपये देने से मना कर दिया है, जिससे मरीजों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

झालावाड़ | राजस्थान सरकार ने झालावाड़ के टर्शरी कैंसर केयर सेन्टर (TCCC) के भवन निर्माण को पूरा करने के लिए 2.39 करोड़ रुपए देने से इनकार कर दिया है। यह निर्णय झालावाड़ के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

बजट की कमी और पीपीपी मोड का आरोप

पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रघुराज सिंह हाड़ा ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा इस सेंटर को निजी हाथों में सौंपने की है। हाड़ा के अनुसार, सरकार झालावाड़ के कैंसर सेन्टर को पीपीपी मोड पर देने की तैयारी कर रही है। इसी कारण जरूरी बजट जारी नहीं किया जा रहा है।

13 वर्षों से अधूरा है निर्माण कार्य

वर्ष 2013 की राष्ट्रीय नीति के तहत जयपुर, बीकानेर और झालावाड़ में कैंसर सेंटर स्वीकृत हुए थे। जयपुर और बीकानेर के सेंटर वर्षों पहले तैयार हो चुके हैं। झालावाड़ देश का एकमात्र ऐसा टर्शरी सेन्टर है जिसका भवन 13 वर्षों में भी पूरा नहीं हो सका है। यह परियोजना फिलहाल दो सरकारों के बीच अटकी हुई है।

मशीनों की कीमतों में भारी उछाल

2013 में लीनियर एक्सीलेटर मशीन के लिए 15 करोड़ और ब्राची थेरेपी के लिए 3 करोड़ रुपये दिए गए थे। अब इन मशीनों की कीमत क्रमशः 36 करोड़ और 7 करोड़ रुपये हो गई है। सरकार ने हाल ही में कोटा के लिए 149 करोड़ रुपये स्वीकृत किए हैं। लेकिन झालावाड़ के भवन और नई मशीनों के लिए कोई राशि आवंटित नहीं की गई।

सेंटर शिफ्ट करने की आशंका

हाड़ा ने बताया कि झालावाड़ में पद स्वीकृत होने के बावजूद दो कैंसर डॉक्टरों को गंगानगर भेज दिया गया है। राज्य में केवल दो ही टर्शरी सेंटर हो सकते हैं। आरोप है कि सरकार झालावाड़ के स्थान पर गंगानगर में टर्शरी सेन्टर खोलने की योजना बना रही है। इससे स्थानीय मरीजों को भारी नुकसान होगा।

मरीजों की बढ़ती मुश्किलें

झालावाड़ के डे केयर कैंसर सेन्टर में दवाओं के बजट में भी कटौती की जा रही है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन सुविधाएं घट रही हैं। डे केयर में मरीजों को दोपहर 3 बजे ही डिस्चार्ज कर दिया जाता है। बीकानेर की तुलना में झालावाड़ में सामाजिक संस्थाओं का सहयोग भी कम मिल रहा है।

हाड़ा ने मांग की है कि झालावाड़ कैंसर अस्पताल के लिए सांसद और विधायक कोष से धन जुटाया जाए। उन्होंने राजनीतिक नेतृत्व की उपेक्षा पर गहरा अफसोस जताया है।

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