राजस्थान

गरबा आयोजनों पर हिंदू संगठनों की मांग: झालावाड़: गरबा में गैर-सनातनी प्रवेश और अश्लीलता पर रोक की मांग

thinQ360 · 07 अक्टूबर 2026, 05:03 शाम
झालावाड़ में विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने गरबा कार्यक्रमों में गैर-सनातनी प्रवेश और अश्लीलता पर आपत्ति जताई है। संगठनों ने प्रशासन से सख्त निगरानी की मांग की है।

झालावाड़ | आगामी 11 अक्टूबर से शुरू होने वाले नवरात्र पर्व को लेकर झालावाड़ जिले में गरबा और डांडिया कार्यक्रमों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस बीच, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और दुर्गा वाहिनी जैसे हिंदू संगठनों ने निजी रिसॉर्ट्स में आयोजित होने वाले गरबा कार्यक्रमों पर गंभीर आपत्ति जताई है।

एसपी को सौंपा ज्ञापन

बजरंग दल के जिला संयोजक सचिन कश्यप के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला पुलिस अधीक्षक अमित कुमार से मुलाकात की। संगठनों ने अपनी मांगों को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा है। इसमें गरबा आयोजनों की मर्यादा बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया है।

गैर-सनातनी प्रवेश पर रोक

हिंदू संगठनों का कहना है कि नवरात्र के पावन पर्व पर आयोजित गरबा कार्यक्रमों में गैर-सनातनी लोगों को प्रवेश नहीं दिया जाना चाहिए। उनका आरोप है कि कुछ आयोजक केवल मनोरंजन और आर्थिक लाभ कमाने के उद्देश्य से इन धार्मिक आयोजनों का व्यवसायीकरण कर रहे हैं।

सुरक्षा और अश्लीलता पर चिंता

ज्ञापन में दावा किया गया है कि कुछ आयोजनों में सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं के अनुरूप व्यवस्थाएं नहीं की जाती हैं। संगठनों ने महिलाओं और युवतियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता व्यक्त की है।

अश्लील गीतों पर प्रतिबंध

विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने स्पष्ट किया है कि गरबा में अश्लील या आपत्तिजनक फिल्मी गीतों पर नृत्य स्वीकार नहीं किया जाएगा। आयोजकों को निर्देश देने की मांग की गई है कि वे कार्यक्रमों में धार्मिक गरिमा और सामाजिक मर्यादा सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी लें।

संगठनों की निगरानी

हिंदू संगठनों के पदाधिकारियों ने घोषणा की है कि इस वर्ष उनके कार्यकर्ता सभी प्रमुख आयोजनों पर पैनी नजर रखेंगे। यदि कहीं भी कोई आपत्तिजनक गतिविधि पाई जाती है, तो तुरंत संबंधित स्तर पर शिकायत कर आवश्यक कार्रवाई के लिए कदम उठाए जाएंगे।

प्रशासन से सख्त निर्देश की मांग

संगठनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि सभी आयोजकों के लिए स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएं। धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाना अनिवार्य बताया गया है।

*Edit with Google AI Studio

← पूरा आर्टिकल पढ़ें (Full Version)