रिलायंस ग्रुप की टेलीकॉम कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर स्टॉक एक्सचेजों पर शानदार प्रीमियम के साथ लिस्ट हुए हैं। कंपनी के शेयर 21.3 फीसदी के प्रीमियम के साथ बाजार में दाखिल हुए।
बीएसई और एनएसई पर जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर 1358 रुपये के भाव पर लिस्ट हुए हैं। आईपीओ के 1119 रुपये के अपर प्राइस बैंड के मुकाबले निवेशकों को 21.3 फीसदी का सीधा फायदा मिला।
मार्केट कैप में भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी
स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टिंग होते ही जियो प्लेटफॉर्म्स ने एक नया मुकाम हासिल कर लिया है।
कंपनी मार्केट कैप के मामले में अब पूरे भारत की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी बन गई है।
शुरुआती कारोबार में मामूली गिरावट
शानदार लिस्टिंग के तुरंत बाद जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयर में हल्की नरमी दर्ज की गई।
एनएसई पर सुबह 10 बजकर 14 मिनट पर कंपनी का शेयर 0.07 फीसदी फिसल गया।
यह शेयर 1 रुपये की गिरावट के साथ 1357 रुपये पर कारोबार करता देखा गया।
ग्रे मार्केट अनुमान के आसपास एंट्री
जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों की लिस्टिंग ग्रे मार्केट के अनुमानों के बिल्कुल करीब रही है।
ग्रे मार्केट में इस कंपनी का शेयर पहले से 22 फीसदी प्रीमियम पर ट्रेड करता दिख रहा था।
आईपीओ ट्रैकिंग वेबसाइटों के अनुसार, 28 अक्टूबर को जियो प्लेटफॉर्म्स का जीएमपी 247 रुपये दर्ज था।
ग्रे मार्केट संकेतों से अनुमानित लिस्टिंग प्राइस 1366 रुपये रहने की संभावना जताई गई थी।
यह अनुमानित भाव 1119 रुपये के तय इश्यू प्राइस से लगभग 22.07 फीसदी अधिक था।
जीएमपी में रहा था उतार-चढ़ाव
बीते 25 कारोबारी सत्रों के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स के जीएमपी में काफी उतार-चढ़ाव दिखा।
इस कारोबारी अवधि में प्रीमियम के अंदर करीब 125 रुपये तक का अंतर रिकॉर्ड हुआ था।
शेयर रखें, खरीदें या बेचें: क्या है राय
शेयर पाने वाले निवेशकों के सामने यह सवाल है कि मुनाफा लें या शेयर को होल्ड रखें।
एसएमसी ग्लोबल सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट सीमा श्रीवास्तव ने इस पर राय साझा की है।
लॉन्ग टर्म में वेल्थ बनाने की योजना रखने वाले निवेशक शेयर को होल्ड करने पर विचार कर सकते हैं।
एनालिस्ट के अनुसार, बाजार में जियो की मजबूत स्थिति और इसका डिजिटल कारोबार काफी अहम कारक हैं।
विकास के अवसर और संभावित जोखिम
कंपनी के भविष्य के कारोबार से जुड़े कई पहलू निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं:
- टेलीकॉम, होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस का निरंतर विस्तार।
- क्लाउड कंप्यूटिंग, एआई और आधुनिक डिजिटल सेवाओं से कमाई के नए अवसर।
- भारती एयरटेल की ओर से मिलने वाली कड़ी बाजार प्रतिस्पर्धा।
- कारोबार विस्तार हेतु बड़े निवेश की आवश्यकता और नई सेवाओं से आय की गति।
एसएमसी ग्लोबल की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट ने इन संभावित जोखिमों को भी ध्यान में रखने को कहा है।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी मात्र है और यह निवेश की कोई सलाह नहीं है। शेयर मार्केट या म्यूचुअल फंड में निवेश हमेशा जोखिम भरा होता है। कहीं भी पूंजी लगाने से पूर्व अपने निवेश सलाहकार से परामर्श अवश्य लें।
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