जयपुर | गुलाबी नगरी के जवाहर कला केन्द्र (JKK) में शनिवार को जूनियर समर कैम्प 2026 का भव्य आगाज हुआ। पर्यटन, कला एवं संस्कृति शासन सचिव और जेकेके की महानिदेशक श्रीमती शुचि त्यागी ने दीप प्रज्वलन और गुब्बारों के व्योमीकरण के साथ इस शिविर की शुरुआत की।
उद्घाटन समारोह में बच्चों ने 'वंदेमातरम्' की सुमधुर प्रस्तुति दी। इस मौके पर श्रीमती शुचि त्यागी ने बच्चों की सृजनशीलता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे मंच बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद जरूरी हैं।
कला और रचनात्मकता का संगम
श्रीमती त्यागी ने बच्चों को कला के विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि यह मंच बच्चों को अपनी छिपी हुई प्रतिभा को पहचानने का सुनहरा मौका देता है।
"बच्चों की प्रतिभा और कला के प्रति उनके रुझान को देखते हुए उनकी रचनात्मकता को सही दिशा देना हमारा मुख्य उद्देश्य है।" - श्रीमती शुचि त्यागी
विविध कला विधाओं का प्रशिक्षण
अतिरिक्त महानिदेशक डॉ. अनुराधा गोगिया ने बताया कि इस साल कैम्प में रंगमंच, संगीत, गायन, और तबला जैसे विषयों की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके अलावा बच्चे गिटार, बांसुरी, और सिंथेसाइजर बजाना भी सीखेंगे।
नृत्य और दृश्य कला की धूम
डांस के शौकीनों के लिए कथक, लोकनृत्य और वेस्टर्न डांस की कक्षाएं होंगी। वहीं दृश्य कला में डूडल आर्ट, पोर्ट्रेट और मधुबनी पेंटिंग का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। साहित्य प्रेमियों के लिए 'स्टोरी ट्री' जैसी रोचक गतिविधियां भी शामिल हैं।
20 जून तक चलेगा रचनात्मक सफर
इस वर्ष लगभग 520 बच्चों ने अपना पंजीकरण कराया है। यह शिविर 20 जून 2026 तक चलेगा। कैम्प के समापन पर सभी प्रतिभागी अपनी सीखी हुई कला का मंचीय प्रदर्शन करेंगे।
जवाहर कला केन्द्र पिछले 33 वर्षों से बच्चों में कलात्मक अभिरुचि जगाने का काम कर रहा है। यह समर कैम्प न केवल बच्चों को हुनरमंद बनाएगा, बल्कि उन्हें अपनी संस्कृति से जुड़ने का अवसर भी प्रदान करेगा।
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