जोधपुर |
जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) की सत्रांत परीक्षाओं में नकल को लेकर एक बड़ा और सनसनीखेज मामला सामने आया है। विश्वविद्यालय के उड़नदस्ते ने एक परीक्षा केंद्र पर छापा मारकर एक प्रशिक्षिका को ही पूरी कक्षा को सामूहिक नकल करवाते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया।
JNVU में सामूहिक नकल का सनसनीखेज मामला
यह घटना शुक्रवार को जेएनवीयू की सत्रांत परीक्षाओं के दौरान हुई। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा गठित एक विशेष उड़नदस्ते (फ्लाइंग स्क्वॉड) ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया।
जांच दल ने जोधपुर ग्रामीण क्षेत्र में स्थित एक परीक्षा केंद्र पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान जो नजारा देखने को मिला, वह हैरान करने वाला था।
प्रशिक्षिका खुद करवा रही थी नकल
जांच के दौरान सबसे गंभीर मामला तब सामने आया, जब एक कॉलेज में खुद प्रशिक्षिका ही छात्रों की मदद कर रही थी।
वह या तो ब्लैकबोर्ड पर उत्तर लिख रही थी या फिर बोलकर पूरी कक्षा को उत्तर लिखवा रही थी। इस गंभीर लापरवाही और मिलीभगत को 'सामूहिक नकल' का मामला मानते हुए तुरंत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सख्त कार्रवाई
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाया है। यह पूरी कार्रवाई विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा के 'जीरो टॉलरेंस' निर्देशों के तहत अमल में लाई गई है।
परीक्षा की शुचिता और पवित्रता बनाए रखने के लिए परीक्षा नियंत्रक प्रो. ज्ञान सिंह शेखावत ने कड़े कदम उठाए हैं।
चार विशेष उड़नदस्तों का गठन
प्रो. शेखावत ने संभाग के सभी महाविद्यालयों की कड़ाई से निगरानी करने के लिए चार विशेष उड़नदस्तों का गठन किया है।
प्रत्येक दल में चार वरिष्ठ प्रोफेसरों को शामिल किया गया है, जिन्हें परीक्षा की तीनों पारियों में अधिक से अधिक केंद्रों का औचक निरीक्षण करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
11 अन्य छात्र भी नकल करते पकड़े गए
प्रशिक्षिका के अलावा, अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर हाईटेक और पारंपरिक तरीकों से नकल कर रहे 11 अन्य विद्यार्थियों को भी पकड़ा गया है।
शुक्रवार को फ्लाइंग स्क्वॉड-2 ने जोधपुर के ग्रामीण इलाकों में स्थित आठ महाविद्यालयों का अचानक दौरा किया। इस दल में प्रो. अमन सिंह, प्रो. सुरेश चौधरी, प्रो. गौरव जैन और प्रो. ललित झाला शामिल थे।
मोबाइल, स्मार्ट वॉच और पर्चियों का इस्तेमाल
सघन जांच के दौरान टीम ने कुल 11 विद्यार्थियों को अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा।
पकड़े गए छात्र परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और कागज की पर्चियों के जरिए उत्तर लिख रहे थे। इन सभी के खिलाफ नियमानुसार केस दर्ज किए गए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन का कड़ा रुख
उड़नदस्ते ने प्रशिक्षिका और केंद्र के खिलाफ मौके पर ही कार्रवाई की और एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की।
विश्वविद्यालय प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई से परीक्षा माफियाओं और नकल करने वाले छात्रों में हड़कंप मच गया है। जेएनवीयू प्रबंधन का कहना है कि आने वाले दिनों में यह जांच अभियान और तेज किया जाएगा, ताकि परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाया जा सके।
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